केन्द्रीय पूल में खाद्यान्न का स्टॉक बढ़कर 738 लाख टन से ऊपर पहुंचा
16-May-2025 07:19 PM
नई दिल्ली। चावल तथा गेहूं की अच्छी खरीदारी होने से केन्द्रीय पूल में खाद्यान्न का स्टॉक बढ़कर 1 मई 2025 को 738.19 लाख टन की ऊंचाई पर पहुंच गया जो अप्रैल 2025 को मौजूद स्टॉक 500.03 लाख टन से 238.16 लाख टन ज्यादा है।
समीक्षाधीन अवधि के दौरान चावल का स्टॉक तो 382.09 लाख टन से गिरकर 381.47 लाख टन पर आ गया लेकिन गेहूं का स्टॉक 117.94 लाख टन से उछलकर 356.72 लाख टन पर पहुंच गया।
इससे पूर्व 1 मई 2024 को केन्द्रीय पूल में 319.07 लाख टन चावल तथा 259.55 लाख टन गेहूं के साथ कुल 578.62 लाख टन खाद्यान्न का स्टॉक मौजूद था।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार अप्रैल की तुलना में मई के आरंभ में केन्द्रीय पूल में चावल का स्टॉक भी 371.51 लाख टन से घटकर 318.73 लाख टन पर अटक गया लेकिन यह 1 मई 2024 को मौजूद स्टॉक 283.33 लाख टन से अधिक रहा।
धान की कस्टम मिलिंग से भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) को चावल की नियमित आपूर्ति होती रहेगी। केन्द्रीय पूल में मोटे अनाजों का स्टॉक 1 अप्रैल के 1.31 लाख टन से बढ़कर 1 मई को 3.16 लाख टन पर पहुंचा मगर वह 1 मई 2024 को मौजूद स्टॉक 4.57 लाख टन से काफी कम रहा।
गेहूं की सरकारी खरीद इस बार 290 लाख टन से ऊपर पहुंच चुकी है और इसकी खरीद की प्रक्रिया अभी जारी है। पिछले रबी मार्केटिंग सीजन की सम्पूर्ण अवधि के दौरान 266 लाख टन गेहूं खरीदा गया था जिसमें इसकी आपूर्ति में कुछ संकट पैदा हो गया था। इससे पूर्व 2023 में 262 लाख टन तथा 2022 में रबी मार्केटिंग सीजन में 188 लाख टन गेहूं की सरकारी खरीद हुई थी।
जहां तक चावल का सवाल है तो इसकी खरीद तो सामान्य रही लेकिन पहले से मौजूद विशाल स्टॉक को घटाने के लिए सरकार ने कुछ नई नीति लागू कर दी।
इसके तहत राज्यों को नीलामी में भाग लिए बगैर खाद्य निगम के गोदामों से चावल का उठाव करने की अनुमति दी गई और एथनॉल निर्माताओं के लिए भी रियायती मूल्य (2250 रुपए प्रति क्विंटल) पर चावल का स्टॉक उपलब्ध करवाने की घोषणा की गई।
इसके लिए पहले 24 लाख टन का कोटा निर्धारित किया गया था जिसे बाद में दोगुने से बढ़ाकर 52 लाख टन नियत कर दिया गया।
