केरल सहित अनेक राज्यों में भारी बारिश की संभावना
28-Jul-2025 10:58 AM
तिरुअनन्तपुरम । देश के विभिन्न राज्यों में दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता बनी हुई है और नियमित वर्षा का दौर भी जारी है। मौसम विभाग ने केरल, तमिलनाडु, तटीय कर्नाटक, गुजरात, महाराष्ट्र एवं राजस्थान जैसे प्रांतों में भारी बारिश होने का अनुमान व्यक्त लिया है जिससे कहीं-कहीं बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो सकता है। उड़ीसा के तीन जिलों में पहले से ही बाढ़ का संकट मौजूद है।
केरल के कई भागों में तेज हवा के साथ मूसलाधार बारिश होने से कृषि एवं बागानी फसलों को नुकसान होने की सूचना मिल रही है। इसके अलावा वहां नदियों, जलाशयों एवं बांधों में पानी का स्तर भी बहुत बढ़ गया है।
तेज हवा के प्रवाह के कारण पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित हो रहा है और बिजली की आपूर्ति में बाधा पड़ रही है। मौसम विभाग ने इडुक्की, कन्नूर तथा कासरगोड जिलों में भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
ज्ञात हो कि इन जिलों में छोटी इलयाची तथा सुपारी का उत्पादन बड़े पैमाने पर होता है। छोटी इलायची की तुड़ाई-तैयारी का सीजन आरंभ हो गया है और मौसम खराब रहने पर फसल को क्षति हो सकती है। केरल के छह अन्य जिलों में भी वर्षा का यैलो अलर्ट जारी हुआ है।
केरल के वायनाड जिले में पानी का स्तर बहुत बढ़ जाने से बानासुरा सागर डैम का गेट खोलना पड़ा जिससे इसके प्रवाह क्षेत्र में भयंकर बाढ़ आ गई तथा खेत और बागान जलमग्न हो गए।
उधर पठानमथिट्टा जिले में मुझियार जलाशय में पानी का स्तर बढ़कर खतरे के निशान को पार कर जाने के बाद उसके गेट को भी खोल दिया गया दक्षिणी केरल में तेज हवा तथा मूसलाधार बारिश के कारण ज्यादा नुकसान हुआ है। एर्नाकुलम, पल्लीकल और कोल्लम जिले भी इससे काफी प्रभावित हुए हैं।
इधर पश्चिमी भारत के महाराष्ट्र, गुजरात तथा राजस्थान में जोरदार वर्षा होने का अनुमान व्यक्त किया गया है जिससे खरीफ फसलों के कुछ क्षेत्रों में फायदा तथा कुछ अन्य इलाकों में नुकसान होने की संभावना है।
राजस्थान में बारिश की स्थिति पर विशेष नजर रखी जा रही है क्योंकि वहां पहले ही जबरदस्त वर्षा हो चुकी है और कुछ जिलों के निचले इलाकों में अब भी खेतों में पानी भरा हुआ है या नमी का अंश जरूरत से ज्यादा देखा जा रहा है।
