कर्नाटक में खरीफ कालीन दलहनों का उत्पादन बढ़ाने का प्लान

20-Apr-2026 01:46 PM

बंगलौर। कर्नाटक को देश का एक अग्रणी दलहन उत्पादक प्रान्त बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने क्षेत्रफल विस्तार के लिए एक नया अभियान आरंभ किया है। इसके तहत आगामी खरीफ सीजन के दौरान अरहर (तुवर), उड़द एवं मूंग की बिजाई, औसत उपज दर तथा पैदावार बढ़ाने और क्वालिटी सुधरने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे।

कर्नाटक के कृषि विभाग ने राज्य में दलहन फसलों का सम्पूर्ण उत्पादन क्षेत्र वर्तमान समय के 36.74 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर वर्ष 2030-31 तक 32.65 लाख हेक्टेयर पर पहुंचाने के लिए एक कार्य योजना तैयार की है।

इसके तहत खासकर तुवर, उड़द एवं मूंग की खेती पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। कर्नाटक में चना सहित कुछ अन्य दलहनों का भी अच्छा उत्पादन होता है। दलहनों की उत्पादकता में वृद्धि के लिए नई टेक्नोलॉजी एवं उन्नत बीज का उपयोग बढ़ाया जाएगा।

2024-25 सीजन के दौरान कर्नाटक में कुल 20.57 लाख टन दलहनों का उत्पादन हुआ और इसकी औसत उपज दर 571 किलो प्रति हेक्टेयर रही। इसके साथ ही कर्नाटक देश में दलहनों के उत्पादन में पांचवें स्थान पर आ गया। पहला स्थान मध्य प्रदेश का रहा जहां 58.51 लाख टन दलहनों का उत्पादन हुआ। मध्य प्रदेश में चना, उड़द एवं मूंग के साथ-साथ तुवर, मसूर तथा मटर आदि का भी उत्पादन होता है। 

कर्नाटक के कृषि विभाग ने वर्ष 2030 तक दलहनों की औसत उपज दर बढ़ाकर 845 किलो प्रति हेक्टेयर पर पहुंचाने का लक्ष्य रखा है और इसको हासिल करने के लिए दलहनों की ऐसी उन्नत एवं उच्च उपज दर वाली किस्मों की खेती का रकबा बढ़ाने पर ध्यान दिया जाएगा जिसमें रोग-प्रतिरोधी क्षमता ज्यादा हो और जो अपेक्षाकृत कम समय में पककर तैयार हो जाए। तुवर की फसल काफी लम्बी होती है।