खनिज तेल का भाव बढ़ने से सोया तेल की कीमत तेज

01-Apr-2026 01:02 PM

शिकागो। पश्चिम एशिया में ईरान- इजरायल (अमरीका) के बीच भयंकर युद्ध जारी रहने से क्रूड खनिज तेल (पेट्रोलियम) का दाम बढ़ने के कारण जैव ईंधन निर्माण में सोया तेल का उपयोग बढ़ता जा रहा है। इसके फलस्वरूप कीमतों में तेजी आ रही है। शिकागो बोर्ड ऑफ ट्रेड (सीबोट) में सोयाबीन तेल का वायदा भाव 3.4 प्रतिशत तक बढ़ गया है। 

खाद्य उद्देश्य के साथ-साथ नवीनीकृत डीजल के निर्यात में भी सोयाबीन तेल की मांग एवं खपत बढ़ रही है। अमरीकी राष्ट्रपति द्वारा ईरान के ऊर्जा किसानों पर हमला करने की धमकी दिए जाने के बाद शिकागो एक्सचेंज में सोयाबीन तेल का वायदा भाव तेजी से बढ़कर पिछले करीब तीन साल के उच्च स्तर पर पहुंच गया। 

उधर अमरीका में बहुप्रतीक्षित जैव ईंधन मिश्रण मानक में बढ़ोत्तरी का संकेत दिया जा रहा है जिसके लिए सोया तेल से मिश्रित ईंधन की जरूरत बढ़ जाएगी। 

शिकागो एक्सचेंज में मई अनुबंध के लिए सोयाबीन तेल का वायदा भाव बढ़कर 69.68 सेंट प्रति पौंड पर पहुंच गया जो 9 मार्च के शीर्ष स्तर से कुछ ही नीचे था।

ज्ञात हो कि 9 मार्च को वायदा मूल्य बढ़कर वर्ष 2022 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया था। उस समय निवेशकों ने सोयाबीन तेल के अनुबंध में भारी दिलचस्पी दिखाई थी। बाद में ऊंचे दाम पर इसकी बिकवाली भी की गई। 

उधर इंडोनेशिया द्वारा बी 50 प्रोग्राम लागू किए जाने का संकेत देने के बाद पाम तेल की कीमतों में भी भारी बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। इससे भारतीय रिफाइनर्स की चिंता बढ़ गई है।

अमरीका में इस बार सोयाबीन का बिजाई क्षेत्र बढ़ने की उम्मीद है। ईरान युद्ध के जारी रहने तक खाद्य तेलों का वैश्विक बाजार भाव ऊंचा और मजबूत रहने की उम्मीद है जिससे भारत की कठिनाई बढ़ जाएगी।