खाद्य महंगाई की दर घटकर 41 महीनों के निचले स्तर पर आई
14-May-2025 01:53 PM
नई दिल्ली। साग-सब्जी, दाल-दलहन एवं मसालों आदि का दाम घटने से अप्रैल 2025 में खुदरा खाद्य महंगाई दर घटकर 1.78 प्रतिशत रह गई। लगातार छठे माह इसमें गिरावट दर्ज की गई। दूसरी ओर खाद्य तेल एवं फलों में महंगाई दर ऊंचे स्तर पर बरकरार रही।
उपभोक्ता मूल्य सूचकांक पर आधारित खाद्य महंगाई दर में भी मार्च के मुकाबले अप्रैल में 0.153 प्रतिशत की कमी आई। उल्लेखनीय है कि अप्रैल 2024 में खाद्य महंगाई की दर 8.7 प्रतिशत के ऊंचे स्तर पर रही थी।
अप्रैल 2025 की खाद्य महंगाई दर अक्टूबर 2021 के बाद यानी पिछले 41 महीनों के सबसे नीचे स्तर पर रही। अक्टूबर 2021 में यह 0.95 प्रतिशत रही थी।
सब्जियों के संवर्ग में महंगाई दर मार्च में 7.04 प्रतिशत घटी थी जबकि अप्रैल में 10.98 प्रतिशत गिर गई लेकिन खाद्य तेलों की महंगाई दर 17.42 प्रतिशत एवं फलों की महंगाई दर 13.8 प्रतिशत के ऊंचे स्तर पर बरकरार रही।
एक विश्लेषक के अनुसार मई तथा जून में भी खाद्य महंगाई दर का ग्राफ नीचे रहने की उम्मीद है क्योंकि अनेक खाद्य उत्पादों का भाव नरम रह सकता है।
अप्रैल में कुल मिलाकर अनाजों में महंगाई दर 5.35 प्रतिशत दर्ज की गई। पिछले अनेक महीनों से यह एक अंक में बनी हुई है। पहले चावल और फिर गेहूं के शानदार उत्पादन के कारण खाद्यान्न की कीमतों में नरमी आ गई। वैसे अप्रैल में गेहूं की महंगाई दर 7.61 प्रतिशत देखी गई जबकि मार्च में इसका भाव करीब 9 प्रतिशत बढ़ गया था।
अप्रैल में सरसों में 19.6 प्रतिशत तथा रिफाइंड खाद्य तेल में 23.75 प्रतिशत की ऊंची महंगाई दर देखी गई। खाद्य तेलों का भाव वैश्विक बाजार मूल्य में आई तेजी के कारण बढ़ गया। ज्ञात हो कि भारत में लगभग 58 प्रतिशत खाद्य तेलों का आयात विदेशों से किया जाता है।
जहां तक दलहनों का सवाल है तो इसकी महंगाई दर लगातार तीसरे माह घटते हुए अप्रैल में 5.23 प्रतिशत पर आ गई। खरीफ के बाद रबी सीजन के दौरान भी दलहनों का घरेलू उत्पादन संतोषजनक होने तथा विदेशों से आयात का प्रवाह जारी रहने से कीमतों में नरमी आ गई।
ध्यान देने की बात है कि अगस्त 2024 में दलहनों में महंगाई दर उछलकर 113 प्रतिशत के शीर्ष स्तर पर पहुंच गई थी। दलहनों में खुदरा महंगाई की दर जून 2023 से ही दो अंकों में चल रही थी। घरेलू उत्पादन में गिरावट के कारण बाजार भाव काफी ऊंचा हो गया था मगर अब इसमें नरमी या स्थिरता का माहौल बनने लगा है।
