खाद्य तेलों पुनर्निर्यात की वजह से नेपाल का विदेशी व्यापार बढ़ा

29-Jul-2025 01:52 PM

काठमांडू। भारत के उत्तरी पड़ोसी देश- नेपाल का विदेशी व्यापार 2024-25 के वित्त वर्ष में बढ़कर 2 ट्रिलियन रुपए की सीमा को पार कर गया। इसमें आयात और निर्यात- दोनों शामिल है।

दरअसल नेपाल विदेशों और खासकर अर्जेन्टीना से भारी मात्रा में क्रूड खाद्य तेल मंगाता है और उसकी प्रोसेसिंग करके भारत को रिफाइंड सोयाबीन तेल, सूरजमुखी तेल तथा पाम तेल का निर्यात कर देता है। वित्त वर्ष 2023-24 की तुलना में 2024-25 के दौरान नेपाल से इन खाद्य तेलों के निर्यात में 1537 प्रतिशत (15 गुणा से ज्यादा) की जबरदस्त बढ़ोत्तरी दर्ज की गई और इससे नेपाल के विदेश व्यापार का संतुलन कुछ हद तक संभल गया। 

नेपाल से वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान 277 अरब रुपए मूल्य के उत्पादों / सामानों का निर्यात हुआ जिसमें से 121.53 अरब रुपए (नेपाली मुद्रा) की आमदनी केवल खाद्य तेलों के निर्यात से प्राप्त हुई।

समीक्षाधीन अवधि के दौरान नेपाल से भारत को लगभग 5.77 लाख टन रिफाइंड खाद्य तेल का निर्यात किया गया जबकि वहां विदेशों से 9.59 लाख टन क्रूड खाद्य तेल आयात किया गया।

इसकी कीमत 144.79 अरब रुपए आंकी गई। इस आयात से नेपाल की सरकार को 9.29 अरब रुपए का सीमा शुल्क (राजस्व) प्राप्त हुआ। क्रूड खाद्य तेलों के विशाल आयात के कारण नेपाल का अब तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझीदार अर्जेन्टीना बन गया है जबकि पहले अमरीका था। 

दरअसल दक्षिण एशिया मुक्त व्यापार क्षेत्र (साफ्टा) संधि के तहत नेपाल को भारत में शून्य शुल्क पर खाद्य तेलों के निर्यात की अनुमति दी गई है और उसके निर्यातक इस संधि का भरपूर अनुचित लाभ उठा रहे हैं जबकि इससे भारत सरकार तथा भारतीय खाद्य तेल उद्योग को काफी नुकसान हो रहा है।