खाद्य तेल व्यवसाय से अडाणी ग्रुप होगा बाहर

31-Dec-2024 06:22 PM

मुम्बई । देश के अग्रणी खाद्य उत्पाद कंपनियों में से एक अडाणी विल्मर ग्रुप की कंपनियों- भारत के अडाणी ग्रुप तथा सिंगापुर के विल्मर ग्रुप का एक संयुक्त उपक्रम है।

यह कम्पनी- 'फॉर्चयून' ब्रांड नाम से खाद्य तेल एवं अन्य खाद्य उत्पादों का व्यवसाय करती है। लेकिन अडाणी ग्रुप ने इस उपक्रम के खाद्य तेल व्यवसाय से बाहर निकलने का फैसला  किया है।

इसके तहत यह कम्पनी में अपनी 43.94 प्रतिशत की भागीदारी को बेचने का निश्चय कर चुका है। इसमें से 31.06 प्रतिशत शेयर की खरीद तो स्वयं विल्मर ग्रुप करेगा और इसके साथ ही कम्पनी में उसकी भागीदारी बढ़कर 75 प्रतिशत पर पहुंच जाएगी।

इसमें से प्रत्येक शेयर का दाम 305 रुपए से ज्यादा नहीं होगा। इसके बाद अडाणी ग्रुप के पास 12.88 प्रतिशत की भागीदारी बचेगी जिसे यह ग्रुप बाजार में बेचेगा ताकि न्यूनतम सार्वजनिक धारिता (एमपीएस) की जरूरतों को पूरा किया जा सके। इस सम्पूर्ण प्रक्रिया से अडाणी ग्रुप को लगभग 2 अरब डॉलर की राशि प्राप्त होने की उम्मीद है। 

विल्मर ग्रुप ने कहा है कि वह कम्पनी की विकास यात्रा में शामिल होने के लिए सक्षम और इच्छुक निवेशकों को नजर में रखेगा।

अडाणी ग्रुप और विल्मर ग्रुप के बीच पक्का करार होने के बाद प्रणव वी अडाणी तथा मलय महादेविया ने अडाणी विल्मर लि० (ए डब्ल्यू एल) से इस्तीफा दे दिया ये दोनों शीर्ष अधिकारी अडाणी कॉमोडिटीज लि० का प्रतिनिधित्व कर रहे थे  जो अडाणी इंटरप्राइजेज लि० की एक पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक फर्म है।

वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान अदाणी विल्मर कम्पनी का कुल राजस्व 49,242 करोड़ रुपए तथा कर पश्चात शुद्ध लाभ (पीएटी) 272.16 करोड़ रुपए दर्ज किया गया। अब इस कम्पनी में विल्मर की दो सहायक फर्मों- एसीएल तथा केन्स पीटीई की भागीदारी 43.94-43.94 प्रतिशत (बराबर) हो गई है।

करार में कहा गया है कि अडाणी के कुछ शेयर में से जब 25 प्रतिशत भाग की न्यूनतम सार्वजनिक धारिता (एमपीएस) की जरूरत पूरी हो जाएगी उसके बाद ही विल्मर ग्रुप अडाणी ग्रुप का शेयर खरीदना शुरू कर सकता है।