मंडी भाव में भारी गिरावट आने से तुवर की सरकारी खरीद बढ़ने के आसार
17-Feb-2025 12:20 PM
नई दिल्ली। कमजोर उत्पादन के कारण लगभग दो वर्षों तक घरेलू बाजार भाव काफी ऊंचा और तेज रहने के बाद अब अरहर (तुवर) का दाम घटकर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के करीब या उससे नीचे आ गया है। इसके फलस्वरूप केन्द्र सरकार द्वारा बफर स्टॉक बनाने तथा किसानों को लाभप्रद मूल्य दिलाने के लिए शीघ्र ही तुवर की खरीद की गति बढ़ाए जाने की उम्मीद है।
सरकार पहले ही कह चुकी है कि बाजार हस्तक्षेप योजना के तहत किसानों से 7550 रुपए प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर तुवर की सम्पूर्ण विपणन योग्य मात्रा की खरीद की जाएगी।
प्राप्त आंकड़े के अनुसार चालू वर्ष के दौरान सरकारी एजेंसियों द्वारा अभी तक मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के तहत किसानों से 12,335 टन तुवर की खरीद की जा चुकी है जबकि आगे खरीद की रफ्तार बढ़ने की संभावना है।
केन्द्रीय कृषि मंत्रालय ने 2024-25 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर कुल 13.20 लाख टन तुवर की खरीद की स्वीकृति प्रदान की है।
आधिकारिक फसलों के अनुसार दोनों प्राधिकृत एजेंसियों- नैफेड तथा एनसीसीएफ द्वारा आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक एवं महाराष्ट्र जैसे राज्यों में मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के तहत किसानों से तुवर की खरीद आरंभ कर दी गई है।
केन्द्रीय बफर स्टॉक से तुवर की मात्रा घटकर महज 35 हजार टन के करीब रह गई है जबकि नियमानुसार उसमें कम से कम एक लाख टन का स्टॉक अवश्य होना चाहिए। केन्द्रीय पूल में स्वदेशी उत्पाद के साथ-साथ विदेशों से आयातित तुवर का भी स्टॉक मौजूद रहता है।
महाराष्ट्र के अग्रणी दलहन व्यापारिक केन्द्र-लातूर मंडी में नई फसल वाली तुवर का भाव घटकर 7550 रुपए प्रति क्विंटल के एमएसपी के स्तर पर आ गया है जबकि पिछले दो वर्षों के दौरान उत्पादन में भारी गिरावट आने से वहां इसका दाम 9000/10,000 रुपए प्रति क्विंटल के बीच चल रहा था जो न्यूनतम समर्थन मूल्य से बहुत ऊंचा था।
अन्य मंडियों में भी भाव एमएसपी की तुलना में कम से कम 30 प्रतिशत ऊंचा होने के कारण सरकारी एजेंसियों को 2022-23 एवं 2023-24 के मार्केटिंग सीजन में पीएसएस के तहत किसानों से तुवर खरीदने में सफलता नहीं मिल सकी।
व्यापार विश्लेषकों के अनुसार तुवर दाल का खुदरा मूल्य फिलहाल 160 रुपए प्रति किलो के आसपास चल रहा है लेकिन साबुत तुवर के घटते दाम को देखते हुए आगामी समय में दाल की कीमतों में कुल गिरावट आ सकती है।
2024-25 के वर्तमान सीजन में तुवर का घरेलू उत्पादन बढ़कर 40 लाख टन पर पहुंचने की उम्मीद है जो केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के उत्पादन अनुमान 35 लाख टन से ज्यादा है। इसके अलावा विदेशों से लगभग 10 लाख टन तुवर का आयात होने का भी अनुमान है।
