मूंगफली और मूंगफली तेल की कीमतों में गिरावट
26-Dec-2024 12:39 PM
मूंगफली और मूंगफली तेल की कीमतों में गिरावट
★ गुजरात में इस वर्ष उत्पादन 45 लाख टन पहुंचने की उम्मीद जो पिछले वर्ष 35 लाख टन था।
★ बम्पर उत्पादन होने से मंडियों में भाव MSP से नीचे जिससे किसान फसल बेचने से रुक रहे हैं या सरकारी कांटे पर माल तुलवा रहे हैं।
★ सरकारी खरीद 3.86 लाख टन पहुंची, जिसमें से गुजरात की मात्रा 2.88 लाख टन है। इस वर्ष खरीद लक्ष्य 13 लाख टन रखा गया।
★ परन्तु निर्यात भाव अन्य देशों से अधिक, भारतीय मूंगफली निर्यात भाव $900/टन हैं जबकि अफ्रीकन मूंगफली 750-800 डॉलर प्रति टन पर उपलब्ध।
★ भारत से सालाना औसतन 5-6 लाख टन मूंगफली और 1 लाख टन मूंगफली तेल का होता है निर्यात।
★ ऊंचे निर्यात भाव होने इस इस वर्ष मूंगफली निर्यात 2 लाख टन और तेल का निर्यात 25,000 टन में सिमट सकता है।
★ MSP पर खरीदी गई मूंगफली जब बेची जाएगी तो उपलब्धता अधिक होगी।
★ बम्पर उत्पादन होने, भविष्य में सरकारी बिक्री और विदेशों से सस्ते खाद्य तेलों के आयात के कारण कीमतों पर दवाब बना रहने की उम्मीद।
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सोयाबीन
★ सोयाबीन में भी यही स्तिथि, भाव MSP से काफी नीचे।
★ आयात शुल्क बढ़ाये जाने के बावजूद कीमते नहीं बढ़ी।
★ इस वर्ष बम्पर उत्पादन के साथ पुराना बकाया स्टॉक अधिक होने से बाज़ारों में रिकॉर्ड मात्रा में सोयाबीन उपलब्ध।
★ 33.85 लाख टन सरकारी खरीद लक्ष्य में से 6.7 लाख टन सोयाबीन खरीदी गई। मध्य प्रदेश से 3.36 और महाराष्ट्र से 2.03 लाख टन खरीद की जा चुकी है।
★ आई- ग्रेन इंडिया का मानना है कि इस वर्ष खरीद 8 लाख टन पहुंच सकती है।
★ विदेशों से बड़ी मात्रा में तेलों के हो रहे आयात से कई प्लांटों ने खरीद की बंद।
★ सरसों की तरह भविष्य में जब सोयाबीन की बिक्री चालू होगी तो कीमतों पर और दवाब बन सकता है।
★ फ़िलहाल सोयाबीन में तेजी का व्यापार न करें।
