महाराष्ट्र एवं कर्नाटक में वर्षा की कमी से दलहन बुवाई प्रभावित, रकबा घटने की आशंका
16-Jun-2026 05:51 PM
महाराष्ट्र और कर्नाटक के प्रमुख दलहन उत्पादक क्षेत्रों में मानसून की धीमी प्रगति किसानों और व्यापारियों की चिंता बढ़ा रही है। दोनों राज्यों के कई जिलों में अब तक पर्याप्त वर्षा नहीं हुई है, जिसके कारण मूंग, उड़द और तुवर जैसी खरीफ दलहन फसलों की बुवाई प्रभावित हो रही है।
महाराष्ट्र के लातूर, अकोला, अक्कलकोट, कारंजा, वाशिम, मुर्तिजापुर, खामगांव, उदगीर, दुधनी और बार्शी सहित अनेक क्षेत्रों में किसानों को अब भी अच्छी बारिश का इंतजार है। वर्षा की कमी के कारण बुवाई कार्य में लगातार देरी हो रही है। दुधनी और उदगीर क्षेत्र के व्यापारियों के अनुसार, अब तक मूंग और उड़द की केवल 10-20 प्रतिशत बुवाई ही हो पाई है,
जबकि तुवर की बुवाई अभी शुरू नहीं हुई है। इसी प्रकार कर्नाटक के गुलबर्गा, रायचूर, बीदर, यादगीर और बीजापुर जैसे प्रमुख दलहन उत्पादक क्षेत्रों में भी मानसून कमजोर बना हुआ है। पर्याप्त नमी के अभाव में किसान बुवाई का निर्णय टाल रहे हैं, जिससे खरीफ सीजन की प्रगति धीमी पड़ गई है।
यदि अगले कुछ दिनों में व्यापक और संतोषजनक वर्षा नहीं हुई, तो दलहन फसलों के रकबे में कमी आ सकती है। इसके अलावा, जिन क्षेत्रों में प्रारंभिक बुवाई हो चुकी है, वहां भी नमी की कमी के कारण अंकुरण और फसल विकास प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, बुवाई में देरी और संभावित रकबा कमी का असर आगामी महीनों में दलहन उत्पादन पर पड़ सकता है। यदि मानसून जल्द सक्रिय नहीं हुआ, तो मूंग, उड़द और तुवर की उपलब्धता तथा बाजार भाव पर भी इसका प्रभाव देखने को मिल सकता है।
