देश के 9-10 राज्यों पर अल नीनो का गंभीर असर पड़ने की आशंका

16-Jun-2026 06:56 PM

नई दिल्ली। केन्द्रीय कृषि मंत्री ने चालू खरीफ सीजन के दौरान देश के उन 9-10 राज्यों के लिए विशेष एवं व्यापक प्रबंध करने का निर्देश दिया है जहां अल नीनो का प्रकोप अत्यन्त गंभीर रहने की आशंका है। कृषि मंत्री जिला स्तर के अधिकारियों, कृषि विभागों, कृषि विज्ञान केन्द्रों तथा अन्य विस्तार एजेंसियों को नियमित रूप से मीटिंग करने तथा पूरे समन्वय के साथ काम करने के लिए कहा है। 

कृषि मंत्री ने वर्षा की कमी वाले जिलों के लिए अग्रिम आपदा कालीन योजना तैयार करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा है कि कपास तथा दलहन फसलों का बिजाई क्षेत्र बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।

राज्यों को भी बारिश की दृष्टि से संवेदनशील जिलों की पहचान करने के लिए कहा गया है ताकि वहां फसल वार आपातकालीन प्लान पहले से तैयार किया जा सके। किसानों के पास विकल्प भी होना चाहिए कि यदि प्राकृतिक आपदाओं के कारण एक फसल का प्रदर्शन कमजोर पड़ जाए तो यथाशीघ्र दूसरी ऐसी फसल की खेती की जाए जो वहां उपयुक्त हो। 

कृषि मंत्री का कहना था कि सरकार राज्यों को हर संभव सहयोग-समर्थन एवं प्रोत्साहन देने के लिए तैयार है। मानसून की स्थिति इस बार अच्छी नजर नहीं आ रही है। देश के विभिन्न भागों में वर्षा का अभाव देखा जा रहा है। इससे खरीफ फसलों की बिजाई एवं प्रगति पर असर पड़ सकता है। दलहन-तिलहन के महत्वपूर्ण उत्पादक राज्यों में वर्षा कम हो सकती है।

धान की खेती भी प्रभावित होने की आशंका है। सभी राज्यों को अपना अलग प्लान बनाना चाहिए महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, राजस्थान, गुजरात एवं उत्तर प्रदेश जैसे महत्वपूर्ण दलहन-तिलहन उत्पादक राज्यों पर विशेष नजर रखी जा रही है। पूर्वी भारत एवं दक्षिणी प्रायद्वीप के साथ-साथ पश्चिमोत्तर भारत में धान का उत्पादन ज्यादा होता है।