मई में वस्तुओं का निर्यात बढ़कर 45 अरब डॉलर पर पहुंचा
16-Jun-2026 06:31 PM
नई दिल्ली। भारत से वाणिज्यिक वस्तुओं का निर्यात मई 2025 की तुलना में मई 2026 के दौरान 18 प्रतिशत बढ़कर 45.20 अरब डॉलर पर पहुंचा जिससे पेट्रोलियम उत्पादों, इंजीनियरिंग सामानों तथा इलेक्ट्रॉनिक्स वस्तुओं के निर्माताओं को राहत मिली। तमाम वैश्विक चुनौतियों के बावजूद इस निर्यात प्रदर्शन को उत्साहवर्धक माना जा रहा है।
उधर विदेशों से इसी अवधि में वाणिज्यिक वस्तुओं का आयात भी 20.62 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 73.41 अरब डॉलर के उच्च स्तर पर पहुंच गया। इसके तहत खासकर पेट्रोलियम, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सोना तथा खाद्य तेलों के आयात खर्च में बढ़ोत्तरी हुई।
इसके फलस्वरूप भारत का विदेश व्यापार घाटा मई 2025 के 22.56 अरब डॉलर से उछलकर मई 2026 में 28.21 अरब डॉलर हो गया।
आयात में जबरदस्त इजाफा होने से देश के बहुमूल्य विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ गया। विदेशी निवेशकों ने भी डॉलर को भारत से बाहर भेजने की गति तेज कर दी। इससे मई में रुपया का जबरदस्त अवमूल्यन हो गया।
आयात पर भारतीय मुद्रा में खर्च और भी बढ़ गया। पश्चिम एशिया में संकट के कारण भारत से कई महत्वपूर्ण कृषि एवं खाद्य उत्पादों का निर्यात अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पाया। वैसे कुल मिलाकर निर्यात में अच्छी बढ़ोत्तरी हुई।
