महाराष्ट्र की चीनी मिलें नकदी संकट के कारण कीमतों में बढ़ोतरी का लाभ उठाने में असमर्थ

17-Feb-2025 10:41 AM

महाराष्ट्र की चीनी मिलें नकदी संकट के कारण कीमतों में बढ़ोतरी का लाभ उठाने में असमर्थ
★ भले ही घरेलू बाजार में चीनी की कीमतें बढ़ी हैं, लेकिन महाराष्ट्र की चीनी मिलें इसका पूरा लाभ नहीं उठा पा रही हैं, जबकि उत्तर प्रदेश की मिलें अपनी चीनी को प्रीमियम दरों पर बेच रही हैं।  
★ उत्तर प्रदेश की चीनी मिलें रुपए 40,000 प्रति टन की दर से चीनी बेच रही हैं, जबकि महाराष्ट्र की मिलों को केवल रुपए 38,000 प्रति टन ही मिल रहा है।  
★ महाराष्ट्र की चीनी मिलों की कमजोर वित्तीय स्थिति इस अंतर का मुख्य कारण है। अधिकांश मिलों को अपने परिवहन, कटाई और अन्य परिचालन खर्चों के लिए बैंकों या व्यापारियों से ऋण लेना पड़ता है।
★ उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में उत्पादन घटने की आशंका के कारण घरेलू बाजार में चीनी की कीमतों में तेजी आई है। शनिवार को नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर ने अपने अनुमान में कहा कि इस वर्ष कुल चीनी उत्पादन 270 लाख टन रहेगा, जो शुरुआती अनुमानों से 10-15% कम है।
★ इसके चलते 10 लाख टन चीनी निर्यात कोटा के पूरा होने को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
★ अगर मिलें पहले से योजना नहीं बनाती हैं, तो अगले सीजन में नकदी संकट और भी गंभीर हो सकता है।