महाराष्ट्र में जोरदार बारिश से 20 लाख एकड़ में खरीफ फसलों को नुकसान की आशंका
22-Aug-2025 05:15 PM
मुम्बई। देश के पश्चिमी प्रान्त- महाराष्ट्र के विभिन्न भागों में 10 दिनों से अधिक समय तक हुई अत्यन्त जोरदार बारिश के कारण 20 लाख एकड़ से अधिक भूमि में खरीफ फसलों को क्षति होने की आशंका व्यक्त की जा रही है।
महाराष्ट्र सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल पंचनामा (सर्वेक्षण) शुरू करने और किसानों के लिए राहत उपायों को आरंभ करने का निर्देश दिया है।
महाराष्ट्र के कृषि मंत्री ने स्वीकार किया है कि अगस्त माह की मूसलाधार वर्षा से राज्य के 19 जिलों में 20.12 लाख एकड़ में खड़ी फसलें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। राज्य के सभी भागों- कोंकण, पश्चिमी महाराष्ट्र, उत्तरी महाराष्ट्र, मराठवाड़ा एवं विदर्भ में फसलों को नुकसान हुआ है।
9 अगस्त से राज्य के विभिन्न इलाकों में भारी वर्षा का दौर शुरू हो गया था जिससे 187 तालुका और 654 स्वास्थ्य सर्किल में खरीफ फसलों पर प्रतिकूल असर पड़ा है।
कृषि मंत्री के अनुसार प्रत्येक प्रभावित किसानों को सरकारी सहायता दी जाएगी और कोई भी किसान इससे वंचित नहीं रहेगा। सरकार उसके साथ मजबूती से खड़ी है और उसे उम्मीद नहीं छोड़नी चाहिए। उन्हें समुचित मुआवजा प्रदान किया जाएगा।
मूसलाधार वर्षा, जल जमाव एवं बाढ़ के प्रकोप से सर्वाधिक प्रभावित होने वाले जिलों में नांदेड़ भी सम्मिलित हैं जहां बादल फटने के कारण मलवे की आई बाढ़ से 2.86 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में खरीफ फसलों के बर्बाद होने की सूचना मिल रही है।
इसके अलावा प्राकृतिक आपदाओं से वाशिम जिले में 1.65 लाख हेक्टेयर, यवतमाल में 81 हजार हेक्टेयर, बुलढाणा में 75 हजार हेक्टेयर, अकोला में 44 हजार, सोलापुर में 42 हजार, हिंगोली में 40 हजार, परभणी में 29 हजार, अमरावती में 13 हजार तथा जलगांव जिले में 12 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसलें बर्बाद हो गई हैं।
कृषि मंत्री के मुताबिक फसलों की क्षति का वह आरंभिक अनुमान है जबकि इसका विस्तृत आंकलन अभी जारी है। किसानों को सही समय पर राहत और मुआवजा उपलब्ध करवाने का आदेश जारी किया जा चुका है।
अत्यन्त मूसलाधार वर्षा से मुख्य खरीफ फसलों के साथ-साथ सब्जियों की फसल को भी नुकसान हुआ है। इसके अलावा ज्वार, गन्ना, प्याज, मिलेट्स और हल्दी की फसल को भी नुकसान होने की सूचना मिल रही है।
