महाराष्ट्र में सोयाबीन की खरीद के लिए स्थायी मैकेनिज्म स्थापित करने का प्लान

14-Jan-2025 07:35 PM

मुम्बई । महाराष्ट्र में प्रत्येक वर्ष किसानों से सोयाबीन की निर्बाध खरीद सुनिश्चित करने के लिए एक स्थायी मैकेनिज्म चालू किया जाएगा। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने इस सम्बन्ध में राज्य के विपणन विभाग को दिशा-निर्देश जारी कर दिया है।

मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया है कि खरीद प्रक्रिया के लिए जो तैयारी नवम्बर में आरंभ की जाती है उसे अक्टूबर में ही पूरा कर लिया जाना चाहिए जिसमें किसानों का रजिस्ट्रेशन भी शामिल है। 

मुम्बई के सह्याद्रि गेस्ट हाउस में विपणन विभाग के 100 दिनों की कार्य योजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र एग्री नेटवर्क (मैगनेट) प्रोजेक्ट के अंतर्गत मुम्बई-नागपुर समृद्धि एक्सप्रेस वे के साथ-साथ कृषि हब स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर दिया और वहां हर तरह के बुनियादी ढांचे का विकास-विस्तार करने के लिए कहा।

उन्होंने अधिकारियों को इन हब के लिए एक विस्तृत योजना तैयार करके जल्दी से जल्दी उसे जमा करने का निर्देश भी दिया। 

महाराष्ट्र में चालू मार्केटिंग सीजन के दौरान सोयाबीन का थोक मंडी भाव घटकर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से काफी नीचे आने तथा सरकारी खरीद काफी देर से शुरू होने के कारण किसानों को भारी-नुकसान उठाना पड़ा।

हालांकि पहले वादा किया गया था कि किसानों से 6000 रुपए प्रति क्विंटल की दर से सोयाबीन की खरीद की जाएगी जो केन्द्र द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य 4892 रुपए प्रति क्विंटल से काफी ऊंचा स्तर है लेकिन अभी तक इस पर अमल नहीं हो पाया है।

मुख्यमंत्री ने विपणन विभाग (मार्केटिंग डिपार्टमेंट) से कहा है कि किसी बाधा या रूकावट के बगैर किसानों से सोयाबीन की खरीद सुनिश्चित करने के लिए हर तरह की सुविधा का प्रबंध किया जाए और राज्य के सभी चार संभागों में एग्रो लॉजिस्टिक हब स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार किया जाए।