मई के अंत तक देश में 27 लाख गांठ रूई का आयात
30-Jul-2025 03:19 PM
नई दिल्ली। घरेलू मांग एवं जरूरत को पूरा करने के लिए भारत में विदेशों से विशाल मात्रा में रूई का आयात किया जा रहा है। यह आयात ब्राजील, अमरीका एवं ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों से हो रहा है और इसमें एक्सट्रा लांग रेशेवाली रूई का अंश ज्यादा है।
केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री के अनुसार 2023-24 सीजन के मुकाबले 2024-25 के मार्केटिंग सीजन में भारत में रूई का आयात ब्राजील से 10 गुना तथा अमरीका से दो गुना बढ़ गया।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 2023-24 सीजन की तुलना में 2024-25 सीजन के दौरान 31 मई तक भारत में ब्राजील से रूई का आयात 67,805 गांठ (170 किलो की प्रत्येक गांठ) से उछलकर 6,54,819 गांठ तथा अमरीका से आयात 2,68,728 गांठ से बढ़कर 5,25,523 गांठ पर पहुंच गया। अमरीकी रूई के आयात पर खर्च होने वाली राशि भी 1361 करोड़ रुपए से बढ़कर 1800 करोड़ रुपए पर पहुंच गई।
चालू मार्केटिंग सीजन में 1 अक्टूबर 2024 से 31 मई 2025 के दौरान भारत में रूई का कुल आयात उछलकर 27 लाख गांठ पर पहुंचा जो 2023-24 सीजन के इन्हीं महीनों के आयात 15.19 लाख गांठ से काफी अधिक रहा। इस अवधि में ऑस्ट्रेलिया से भी भारत में रूई का आयात 3.58 लाख गांठ से बढ़कर 5.13 लाख गांठ पर पहुंच गया।
भारत में 2023-24 की तुलना में 2024-25 सीजन के दौरान कपास के बिजाई क्षेत्र एवं रूई के उत्पादन में भारी गिरावट आ गई जबकि पिछला बकाया स्टॉक भी कम था।
हालांकि घरेलू बाजार भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से नीचे आने के कारण सरकारी एजेंसी- भारतीय कपास निगम को प्रमुख उत्पादक राज्यों में किसानों से लगभग 100 लाख गांठ कपास की खरीद का अवसर मिल गया
और अब उसे अपने स्टॉक से रूई बेचने में भी शानदार सफलता हासिल हो रही है लेकिन अंतर्राष्ट्रीय बाजार में रूई का भाव घरेलू बाजार में प्रचलित मूल्य से भी नीचे रहने के कारण कॉटन मिलों को विदेशों से रूई का भारी आयात करने का प्रोत्साहन मिल गया।
उल्लेखनीय है कि भारत में रूई के आयात पर 11 प्रतिशत का सीमा शुल्क लागू है लेकिन फिर भी इसे विदेशों से भारी मात्रा में मंगाया जा रहा है। जून से 30 सितम्बर 2025 के दौरान रूई का कितना आयात होता है यह देखना आवश्यक होगा
क्योंकि तभी सम्पूर्ण 2024-25 के मार्केटिंग सीजन के कुल आयात का पता चल सकेगा। लेकिन आरंभिक संकेतों से पता चलता है कि रूई का आयात बढ़कर हाल के वर्षों के शीर्ष स्तर पर पहुंच जाएगा।
