मजबूत निर्यात मांग से जीरा के दाम में तेजी के संकेत
15-Apr-2025 04:23 PM
राजकोट। हालांकि नई घरेलू फसल की जोरदार कटाई-तैयारी होने से मंडियों में जीरा की आपूर्ति बढ़ने लगी है लेकिन इसकी कीमतों पर कोई खास दबाव नहीं देखा जा रहा है क्योंकि इसकी घरेलू एवं वैश्विक मांग मजबूत बनी हुई है।
अन्तर्राष्ट्रीय निर्यात बाजार से तुर्की, सीरिया, ईरान एवं अफगानिस्तान जैसे देशों के लगभग बाहर रहने से भारत अभी जीरा का एकमात्र प्रमुख आपूर्तिकर्ता देश बना हुआ है।
अच्छी क्वालिटी के बावजूद कीमत प्रतिस्पर्धी स्तर पर होने से प्रमुख आयातक देशों में भारतीय जीरे की खरीद के प्रति भरपूर उत्साह एवं आकर्षण देखा जा रहा है जिसमें चीन और पाकिस्तान के साथ खाड़ी क्षेत्र के अनेक देश भी शामिल हैं।
गुजरात की बेंचमार्क ऊंझा मंडी में निर्यातकों की सक्रियता काफी बढ़ गई है और वे आयातकों का आर्डर पूरा करने के लिए जीरे की भारी खरीद का प्रयास कर रहे हैं। इससे जीरा का भाव मजबूत होने लगा है और अगले कुछ समय तक बाजार में तेजी जारी रह सकती है।
शादी-विवाह का सीजन शुरू होने वाला है जिससे जीरे की घरेलू मांग भी बढ़ने लगी है। दिसावरी व्यापारी इसका स्टॉक बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
ऊंझा मंडी में औसतन 40-42 हजार बोरी जीरे की दैनिक आवक हो रही है। राजस्थान में भी इसकी अच्छी आपूर्ति होने लगी है। दिलचस्प तथ्य यह है कि स्वयं तुर्की में जीरा का भारी अभाव महसूस किया जा रहा है और उसने भारत से इसका आयात शुरू कर दिया है। चीन में जीरा का दाम काफी ऊंचा हो गया है।
इसके आयातक पहले भारत में नई फसल के आने तथा दाम घटने का इंतजार कर रहे थे जबकि अब बाजार की मजबूती को देखते हुए इसकी खरीद करने लगे हैं।
बांग्ला देश और मलेशिया में भी भारतीय जीरे की अच्छी मांग है। इसे देखते हुए अप्रैल-जून की तिमाही के दौरान भारतीय जीरे का निर्यात प्रदर्शन बेहतर रहने की उम्मीद है। उसके बाद तुर्की में आवक शुरू हो जाएगी।
