मलेशिया को दूसरी छमाही में पाम तेल का निर्यात सुधरने की उम्मीद

29-Jul-2025 12:16 PM

नई दिल्ली। मलेशियन पाम ऑयल बोर्ड (एम्पोब) के महानिदेशक को चालू वर्ष की दूसरी छमाही के दौरान भारत सहित अन्य प्रमुख आयातक देशों में मलेशियाई पाम तेल का आयात बढ़ने की उम्मीद है।

भारत में इस दौरान पर्व-त्यौहारों का सीजन रहता है जिसमें खाद्य तेलों की अधिक खपत होती है। महानिदेशक के मुताबिक भारतीय खरीदार त्यौहारी सीजन की मांग को पूरा करने और घटते स्टॉक को ऊंचा रहने हेतु भारी मात्रा में खाद्य तेल और खासकर पाम तेल का आयात कर सकते हैं। निर्यातक देशों में पाम तेल का भाव कुछ नरम पड़ गया है और भारत सरकार ने क्रूड खाद्य तेलों पर आयात शुल्क घटा दिया है। 

एम्पोब के आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले साल की तुलना में चालू वर्ष की पहली छमाही (जनवरी-जून- 2025) के दौरान मलेशिया से पाम तेल तथा इससे निर्मित उत्पादों का निर्यात 7.4 प्रतिशत घटकर 113.90 लाख टन पर सिमट गया।

इसके तहत पाम तेल का शिपमेंट गिरकर 69.50 लाख टन रह गया जो जनवरी-जून 2024 के निर्यात से 7.7 प्रतिशत कम था इस अवधि के दौरान भारत के साथ-साथ चीन, यूरोपीय संघ, बांग्ला देश एवं मिस्र में भी पाम तेल की मांग कमजोर रही। दूसरी ओर फिलीपींस, ईरान, केन्या तथा नाइजीरिया जैसे देशों में मलेशिया से पाम तेल का निर्यात बढ़ गया। 

एम्पोब के महानिदेशक के अनुसार वर्ष 2024 के मुकाबले 2025 की पहली छमाही के दौरान यद्यपि मलेशिया से पाम तेल एवं इसके उत्पादों के निर्यात की मात्रा में गिरावट आई मगर निर्यात आमदनी 9.3 प्रतिशत बढ़कर 53.43 अरब रिंगिट पर पहुंच गई। इसमें पाम तेल के निर्यात की आय 34 अरब रिंगिट भी शामिल है।

मलेशिया से वर्ष 2024 की पूरी अवधि में कुल 169 लाख टन पाम तेल का निर्यात हुआ था जबकि वर्ष 2025 के दौरान इसमें 5.3 प्रतिशत की गिरावट आने की संभावना है। मलेशिया दुनिया में पाम तेल का दूसरा सबसे प्रमुख उत्पादक एवं निर्यातक देश है।