मलेशिया में थाईलैंड एवं वियतनाम से चावल का आयात बढ़ाने की तैयारी
06-May-2025 04:56 PM
सिंगापुर। भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव से आपूर्ति में बाधा उत्पन्न होने की आशंका को देखते हुए मलेशिया सरकार अपनी घरेलू खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अब थाईलैंड, वियतनाम एवं कम्बोडिया जैसे देशों से चावल का आयात बढ़ाने की तैयारी कर रही है।
मलेशिया के कृषि एवं खाद्य सुरक्षा मंत्री ने कहा है कि सरकार वैकल्पिक आपूर्ति स्रोतों की सक्रियता से तलाश कर रही है ताकि देश में नियमित रूप से चावल का आयात सुनिश्चित किया जा सके।
ध्यान देने की बात है कि मलेशिया में चावल के कुल वार्षिक आयात में से लगभग 38 प्रतिशत भाग का आयात भारत और पाकिस्तान से किया जाता है जिसमें बासमती चावल तथा गैर बासमती सफेद चावल भी शामिल है।
यदि भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध होता है तो मलेशिया को चावल की आपूर्ति में बाधा पड़ सकती है। मलेशिया पहले से ही थाईलैंड, वियतनाम, कम्बोडिया एवं म्यांमार जैसे देशों से चावल मंगाता रहा है। यदि भारत और पाकिस्तान से निर्यात प्रभावित हुआ तो वह इन देशों से चावल का आयात बढ़ाने का प्रयास कर सकता है। इसके लिए तैयारी हो रही है।
खाद्य सुरक्षा मंत्री के अनुसार चावल का आयात बढ़ाने के लिए दक्षिण-पूर्व एशिया के पड़ोसी देशों के साथ बातचीत की जा सकती है। मलेशिया में पेरक राज्य में किसान संगठन के प्रमाणित धान बीज उत्पादन केन्द्र की शुरुआत करते हुए खाद्य सुरक्षा मंत्री ने कहा कि चावल आयात के बारे में परिस्थितियों के अनुरूप निर्णय लिया जाएगा।
उनका कहना था कि कम्बोडिया के पास धान-चावल का अधिशेष स्टॉक मौजूद है। वहां का दौरा भी किया जा चुका है। वह मलेशिया के साथ सहयोग के लिए तैयार है।
मलेशिया के उधमी वहां प्राइवेट क्षेत्र में चावल मिल स्थापति करने पर विचार कर रहे हैं और कम्बोडिया सरकार ने कहा है कि मलेशिया के उन उद्यमियों का स्वागत किया जाएगा।
हालांकि वर्तमान समय में मलेशिया में भारत और पाकिस्तान से चावल का आयात सामान्य रूप से ही रहा है लेकिन आगे इसमें बाधा पड़ने की आशंका है। मलेशिया सरकार पूरी स्थिति पर गहरी नजर रखे हुए हैं।
कृषि मंत्री के अनुसार फिलहाल आयात की कोई समस्या नहीं है लेकिन यदि भारत-पाकिस्तान युद्ध होता है और उसके बंदरगाहों या मशीनरी-जहाजों पर असर पड़ता है तो आयात में अवरोध उत्पन्न हो सकता है।
