मालदीव को भेजी गई चीनी की खेप का कुछ भाग गायब
26-Nov-2024 12:14 PM
माले । मालदीव सरकार ने कहा है कि द्विपक्षीय समझौते के अंतर्गत भारत से विशेष प्रावधान के जरिए आयातित चीनी की खेपों का कुछ भाग गायब हो गया है जिसकी जांच-पड़ताल शुरू कर दी गई है।
मालदीव के स्टेट ट्रेडिंग ऑर्गेनाइजेशन (एसटीओ) के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार भारत से चीनी के हुए शिपमेंट का पूरा विवरण तैयार किया जा रहा है।
दरअसल इस सम्बन्ध में पहले ही कुछ शिकायतें मिल चुकी हैं कि मालदीव को भारत से चीनी की जो खेप भेजी गई थी उसका कुछ भाग वहां पहुंचने के बजाए श्रीलंका पहुंच गया।
वहां भी उसकी जांच-पड़ताल हो रही है। मालदीव में चीनी की आपूर्ति एवं उपलब्धता घटने की आशंका उत्पन्न हो गई है। इधर भारत की सरकारी संस्था- विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने भी इसकी जांच-पड़ताल आरंभ कर दी है कि मालदीव को भेजी गई चीनी की कुछ खेप श्रीलंका कैसे पहुंच गई।
डीजीएफटी की जांच-पड़ताल आरंभ होते ही मालदीव को चीनी का निर्यात रोक दिया गया जिससे वहां संकट पैदा हो सकता है। उल्लेखनीय है कि भारत ने मालदीव की घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए उसे कुल मिलाकर 64494.33 टन चीनी के स्टॉक का आवंटन किया था और इसके शिपमेंट की प्रक्रिया भी आरंभ की थी।
चीनी की खेपों का शिपमेंट मूंदड़ा, तूतीकोरिन तथा न्हावा शेवा के समुद्री बंदरगाहों तथा तुगलकाबाद स्थित इनलैंड कंटेनर डिपो (आईसीडी) से करने की अनुमति दी गई थी।
भारत से चीनी के व्यापारिक निर्यात पर जून 2023 से ही प्रतिबंध लगा हुआ है मगर सरकारी स्तर पर इसके शिपमेंट की अनुमति दी जाती है। मालदीव को चीनी के अलावा कुछ अन्य आवश्यक खाद्य उत्पादों के निर्यात की स्वीकृति दी गई थी।
