मूल्य संवर्धित मसाला उत्पादों के निर्यात में अच्छी बढ़ोत्तरी

10-Jun-2025 06:06 PM

नई दिल्ली। वित्त वर्ष 2023-24 की तुलना में 2024-25 के दौरान भारत से मूल्य संवर्धित मसाला उत्पादकों- मसाला तेल / ओलियोरेसिन मिंट उत्पाद एवं करी पॉउडर / पेस्ट आदि के निर्यात में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। मिंट उत्पादों की निर्यात मात्रा तो 27,658 टन से कुछ गिरकर 27,282 टन पर अटक गई मगर निर्यात आय 41.540 करोड़ डॉलर से सुधरकर 41.780 करोड़ डॉलर पर पहुंच गई।

करी पॉउडर एवं पेस्ट की निर्यात मात्रा 72,420 टन से 7 प्रतिशत बढ़कर 77,151 टन तथा निर्यात आय 21.20 करोड़ डॉलर से 17 प्रतिशत बढ़कर 24.759 करोड़ डॉलर पर पहुंच गई।

मसाला तेल / ओलियोरेसिन का निर्यात 4.12 लाख टन से 12 प्रतिशत बढ़कर 4.53 लाख टन पर पहुंचा जबकि इससे होने वाली आमदनी 49.798 करोड़ डॉलर से 8 प्रतिशत बढ़कर 53.592 करोड़ डॉलर पर पहुंच गई। 

कालीमिर्च की निर्यात आय 889.10 लाख डॉलर से 40 प्रतिशत उछलकर 1245.40 लाख डॉलर पर पहुंच गई जबकि इसकी निर्यात मात्रा 17,890 टन से 16 प्रतिशत बढ़कर 20,830 टन पर पहुंची। इस तरह छोटी इलायची के निर्यात में भी अच्छी बढ़ोत्तरी दर्ज की गई।

इसका निर्यात 2023-24 के 6168 टन से 9 प्रतिशत सुधरकर 2024-25 के वित्त वर्ष में 6727 टन पर पहुंचा जबकि इसकी निर्यात आमदनी 12.052 करोड़ डॉलर से 53 प्रतिशत उछलकर 18,465 करोड़ डॉलर पर पहुंच गई। 

समीक्षाधीन अवधि के दौरान भारत से सौंठ, सौंफ, इमली तथा मेथी आदि मसालों का निर्यात प्रदर्शन बेहतर रहा मगर धनिया के निर्यात में गिरावट आ गई। भारत संसार में मसालों का सबसे प्रमुख उत्पादक एवं निर्यातक देश बना हुआ है।

दुनिया के 100 से अधिक देशों को भारत से 80 से ज्यादा किस्मों के साबुत मसालों एवं मसाला उत्पादों का निर्यात किया जाता है। आमतौर पर भारतीय मसालों की क्वालिटी अन्य आपूर्तिकर्ता देशों से बेहतर होती है इसलिए इसका दाम भी कुछ ऊंचा रहता है।

तमाम वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारतीय मसालों के निर्यात में शानदार बढ़ोत्तरी हो रही है जिससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में और खासकर क्वालिटी पसंद देशों में भारतीय मसालों को काफी पसंद किया जाता है।

कालीमिर्च के निर्यात में अच्छी बढ़ोत्तरी होना एक शुभ संकेत है। जीरा, हल्दी और इलायची का बेहतर  निर्यात होने से इसके उत्पादकों को अच्छी आमदनी प्राप्त हुई।