मार्च में पाम तेल एवं सोयाबीन तेल के आयात में बढ़ोत्तरी
07-Apr-2025 10:55 AM
मुम्बई। फरवरी में विदेशों से खाद्य तेलों के आयात में भारी गिरावट आ गई थी मगर मार्च में पाम तेल तथा सोयाबीन तेल का आयात बढ़ने से इसका कुल आयात कुछ बढ़ गया।
उद्योग- व्यापार क्षेत्र के अग्रणी समीक्षकों-विश्लेषकों के अनुसार फरवरी की तुलना में मार्च 2025 के दौरान पाम तेल का आयात 13.2 प्रतिशत बढ़कर 4.23 लाख टन तथा सोयाबीन तेल का आयात 24 प्रतिशत उछलकर 3.52 लाख टन पर पहुंचा मगर सूरजमुखी तेल का आयात 15.5 प्रतिशत घटकर 1.93 लाख टन रह गया।
इसके आधार पर उद्योग समीक्षकों ने मार्च में खाद्य तेलों का कुल आयात फरवरी की तुलना में 9.3 प्रतिशत सुधरकर 9.68 लाख टन पर पहुंचने का अनुमान है।
उल्लेखनीय है कि पिछले मार्केटिंग सीजन में यानी नवम्बर 2023 से अक्टूबर 2024 के दौरान भारत में प्रतिमाह औसतन 7.50 लाख टन पाम तेल का आयात हुआ था लेकिन 2024-25 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन में यह 5 लाख टन से भी नीचे है।
दरअसल इसका भाव अभी तक सोया तेल के सापेक्ष गैर प्रतिस्पर्धी बना हुआ है जिसे देखते हुए एक अग्रणी विश्लेषक का कहना है कि अप्रैल में भी पाम तेल का आयात ज्यादा नहीं बढ़ेगा।
लेकिन मई से या इसके बाद यदि कीमतें प्रतिस्पर्धी स्तर पर आती हैं तो आयात में वृद्धि हो सकती है। सामान्यतः जुलाई 2025 से पाम तेल का भाव निर्यातक देशों में नरम पड़ने की संभावना व्यक्त की जा रही है।
भारत संसार में खाद्य तेलों का सबसे बड़ा आयातक देश है। यहां इंडोनेशिया, मलेशिया एवं थाईलैंड से पाम तेल, अर्जेन्टीना एवं ब्राजील से सोयाबीन तेल तथा रूस, यूक्रेन, रोमानिया एवं अर्जेन्टीना से सूरजमुखी तेल मंगाया जाता है।
रूस ने यूक्रेन में ओडेसा सहित कुछ अन्य बंदरगाहों पर जबरदस्त बमबारी करके उसे क्षतिग्रस्त कर दिया है इसलिए आगामी समय में यूक्रेन से सूरजमुखी तेल का निर्यात शिपमेंट बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका है।
