मराठवाड़ा में तेज हवा के साथ भारी वर्षा होने की संभावना से कपास उत्पादक चिंतित

27-Dec-2024 05:47 PM

औरंगाबाद । भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अगले कुछ दिनों के दौरान महाराष्ट्र में मराठवाड़ा संभाग के कई इलाकों में तेज हवा के साथ भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की है जिससे खासकर कपास उत्पादकों की चिंता बढ़ गई है। अन्य किसान भी चिंतित हैं। 

मराठवाड़ा संभाग के बीड, औरंगाबाद तथा संभाजी नगर सहित कुछ अन्य जिलों में कपास की फसल अभी खेतों में खड़ी है और उसमें रूई के गोले (बॉल) लग रहे हैं जिसकी तुड़ाई-तैयारी शीघ्र ही शुरू होने की संभावना है।

इन इलाकों में कपास की बिजाई कुछ देर से हुई थी इसलिए फसल को तैयार होने में समय लग गया। ऐसे समय में अगर तेज हवा के साथ वर्षा हुई तो कपास की फसल को गंभीर क्षति हो सकती है। यदि बारिश के कारण रूई में नमी का अंश बढ़ गया तो इसकी बिक्री करने में भारी कठिनाई होगी। 

कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक मूसलाधार वर्षा एवं बाढ़ के कारण महाराष्ट्र में खरीफ कालीन फसलों को पहले ही काफी नुकसान हो चुका है जबकि अब रबी फसलों पर भी खतरा मंडरा रहा है।

कपास की खेती खरीफ सीजन में होती है जबकि इसकी तुड़ाई-तैयारी लम्बे समय तक (दो-तीन चरणों में) चलती रहती है। संभाजी नगर एवं लातूर डिवीजन में बड़े पैमाने पर कपास की बिजाई की जाती है।

कृषि विभाग ने कहा है कि जो किसान रूई की तुड़ाई-तैयारी कर चुके हैं उन्हें इसकी क्वालिटी को खराब होने से बचाने के लिए उचित उपाय करना चाहिए।

बारिश से रूई के बचाव के लिए उसका सुरक्षित भंडारण होना आवश्यक है। संभाजी नगर एवं उसके आसपास के इलाकों में 27 से 29 दिसम्बर तक गरज-चमक के साथ बौछार पड़ने तथा कुछ क्षेत्रों में तेज हवा के साथ भारी वर्षा होने की संभावना व्यक्त की गई है।