मसालों का निर्यात 6 प्रतिशत बढ़कर 4.72 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा

10-Jun-2025 05:21 PM

कोच्चि। जीरा, हल्दी, मसाला तेल / ओलियोरेसिन एवं कालीमिर्च सहित कुछ अन्य मसालों तथा मसाला उत्पादकों की वैश्विक मांग मजबूत रहने से भारत से वित्त वर्ष 2024-25 की सम्पूर्ण अवधि में मसालों का कुल निर्यात बढ़कर 4.72 अरब डॉलर के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया जो 2023-24 वित्त वर्ष के कुल निर्यात 4.46 अरब डॉलर से 6 प्रतिशत अधिक रहा। दिलचस्प तथ्य यह है कि लालमिर्च की निर्यात आय में गिरावट आ गई जबकि मात्रा और आमदनी- दोनों दृष्टिकोण से यह भारत से निर्यात होने वाले मसालों में सबसे अग्रणी है। मसालों के कुल निर्यात में लालमिर्च की भागीदारी 25 प्रतिशत से भी ज्यादा रहती है।  

मसाला बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार यद्यपि वित्त वर्ष 2023-24 के मुकाबले 2024-25 के दौरान लालमिर्च के निर्यात की मात्रा 6.01 लाख टन से करीब 19 प्रतिशत बढ़कर 7.15 लाख टन पर पहुंच गई लेकिन औसत इकाई निर्यात ऑफर मूल्य में भारी गिरावट आने से इसकी कुल निर्यात आय 1.50 अरब डॉलर से 11 प्रतिशत घटकर 1.34 लाख डॉलर पर अटक गई। 

दूसरी ओर मसालों के संवर्ग में दूसरे नम्बर पर मौजूद- जीरा के निर्यात में अच्छी बढ़ोत्तरी हुई और इसकी निर्यात आय 70.037 करोड़ डॉलर से 5 प्रतिशत सुधरकर 73.235 करोड़ डॉलर पर पहुंच गई। 

उल्लेखनीय है कि भारत दुनिया में मसालों का सबसे बड़ा उत्पादक, उपभोक्ता एवं निर्यातक देश है। अगले पांच वर्षों में मसालों के निर्यात को दोगुना बढ़ाने पर काम हो रहा है। इसकी निर्यात आमदनी का लक्ष्य वर्ष 2030 तक बढ़ाकर 10 अरब डॉलर तथा वर्ष 2047 तक बढ़ाकर 25 अरब डॉलर तक पहुंचने का रखा गया है। इसके लिए मसालों की क्वालिटी सुधारने और मूल्य संवर्धित मसाला उत्पादों का निर्यात बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। मसाला तेल / ओलियोरेसिन की निर्यात मात्रा 4.12 लाख टन से 12 प्रतिशत बढ़कर 4.53 लाख टन तथा निर्यात आय 49.798 करोड़ डॉलर से 8 प्रतिशत बढ़कर 53.592 करोड़ डॉलर पर पहुंच गया। हल्दी की निर्यात आमदनी 22.60 करोड़ डॉलर से 51 प्रतिशत उछलकर 34.10 करोड़ डॉलर तथा निर्यात मात्रा 1.62 लाख टन से 9 प्रतिशत बढ़कर 1.76 लाख टन पर पहुंच गई।