मासांत के सीमित कारोबार से चीनी में ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं
29-Jun-2024 03:42 PM
नई दिल्ली । केन्द्रीय खाद्य मंत्रालय ने जुलाई माह के लिए घरेलू प्रभाग में बिक्री हेतु मिलर्स के लिए 24 लाख टन चीनी का फ्री सेल कोटा पहले ही घोषित कर दिया है जो जून के लिए नियत कोटा 25.50 लाख टन से 1.50 लाख टन कम है। माना जा रहा है कि मानसून के बढ़ते कदम के साथ देश के विभिन्न भागों में बारिश होने तथा तापमान घट जाने से जुलाई में चीनी की औद्योगिक मांग कुछ कमजोर पड़ सकती है। इसलिए 24 लाख टन का कोटा घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त साबित हो सकता है। 22 से 28 जून वाले सप्ताह के दौरान सीमित कारोबार के कारण चीनी के मिल डिलीवरी मूल्य एवं हाजिर बाजार भाव में या तो स्थिरता रही या सीमित तेजी-मंदी देखी गई।
मिल डिलीवरी भाव
समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान चीनी के मिल डिलीवरी मूल्य में बिहार, मध्य प्रदेश एवं पूर्वी उत्तर प्रदेश में 20-20 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोत्तरी एवं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इतनी ही गिरावट दर्ज की गई। गुजरात में मिल डिलीवरी भाव 10-20 रुपए नरम रहा।
हाजिर भाव
चीनी का हाजिर बाजार मूल्य दिल्ली में 4200/4220 रुपए प्रति क्विंटल, इंदौर में 3930/4030 रुपए प्रति क्विंटल तथा रायपुर (छत्तीसगढ़) में 3980/4060 रुपए प्रति क्विंटल के पिछले स्तर पर बरकरार रहा।
मुम्बई
मुम्बई (वाशी) मार्केट में भी इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ और यह 3710/3910 रुपए प्रति क्विंटल पर स्थिर रहा। इसी तरह नाका पोर्ट डिलीवरी मूल्य भी 3660/3860 रुपए प्रति क्विंटल के पुराने स्तर पर स्थिर बना रहा।
महाराष्ट्र / कर्नाटक
लेकिन महाराष्ट्र एवं कर्नाटक में चीनी के टेंडर मूल्य में परिवर्तन आया। महाराष्ट्र में चीनी का टेंडर मूल्य एस ग्रेड का 30 रुपए तथा एम ग्रेड का 40 रुपए सुधर गया जबकि एसएस ग्रेड का 70 रुपए घट गया। इसी तरह कर्नाटक में एस ग्रेड की चीनी का टेंडर मूल्य 10 रुपए नरम रहा मगर एम ग्रेड का टेंडर मूल्य 30 रुपए बढ़ गया।
