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26-Sep-2026 12:58 PM
खरीफ कालीन मोटे अनाजों का कुल उत्पादन क्षेत्र इस वर्ष 25 सितम्बर तक बढ़कर 186.40 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया जो पिछले साल की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 184.78 लाख हेक्टेयर से 1.62 लाख हेक्टेयर ज्यादा है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार गत वर्ष की तुलना में मौजूदा खरीफ सीजन के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर ज्वार का उत्पादन क्षेत्र 12.61 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 13.82 लाख हेक्टेयर, बाजरा का बिजाई क्षेत्र 62.87 लाख हेक्टेयर से उछलकर 64.96 लाख हेक्टेयर तथा स्मॉल मिलेट्स का रकबा 4.15 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 4.52 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया लेकिन दूसरी ओर मक्का का उत्पादन क्षेत्र 94.89 लाख हेक्टेयर से घटकर 93.02 लाख हेक्टेयर तथा रागी का रकबा 10.26 लाख हेक्टेयर से गिरकर 10.08 लाख हेक्टेयर पर सिमट गया। मोटे / पोषक अनाजों की बिजाई लगभग समाप्त हो चुकी है।
मक्का के बिजाई क्षेत्र में पहले भारी गिरावट देखी जा रही थी मगर अब गिरावट का अंतर घटकर 2 लाख हेक्टेयर से भी कम रह गया है। कई राज्यों में चालू माह (सितम्बर) के दौरान मक्का की बिजाई में अच्छा सुधार आया। ज्वार एवं बाजरा की बिजाई की गति पहले ही धीमी पड़ चुकी थी। दक्षिण भारत में मानसूनी बारिश की कमी के कारण किसानों को रागी का रकबा सुधारने का अवसर मिल गया। अब इसकी भी बिजाई पूरी हो गई है।