मटर बाजार अपडेट – आयात शुल्क लागू होने के बाद कीमतों में तेजी
11-Nov-2025 12:32 PM
मटर बाजार अपडेट – आयात शुल्क लागू होने के बाद कीमतों में तेजी
★ देशभर की प्रमुख मंडियों में पीली मटर की कीमतों में आयात शुल्क लागू होने के बाद उल्लेखनीय तेजी दर्ज की गई है। बाजार सूत्रों के अनुसार, शुल्क लागू होने से विदेशी आपूर्ति सीमित हुई है, जिससे घरेलू बाजार को मजबूत समर्थन मिला है।
★ मंडी भावों के अनुसार, कानपुर, ललितपुर और ओरई में सबसे अधिक सुधार देखने को मिला है।
★ कानपुर में मटर ₹3,575 से बढ़कर ₹3,925 प्रति क्विंटल पर पहुंच गई — ₹350 की वृद्धि।
★ ललितपुर में ₹3,200 से ₹3,550 प्रति क्विंटल तक का उछाल दर्ज किया गया — ₹350 की बढ़त।
★ ओरई में ₹3,150 से बढ़कर ₹3,600 प्रति क्विंटल हो गई — ₹450 का सुधार, जो सबसे अधिक वृद्धि है।
★ मुंबई और मुंद्रा पोर्ट पर भी स्थिरता के साथ मजबूती बनी हुई है।
★ मुंबई में कनाडा मटर ₹3,525 से ₹3,675 और रूस मटर ₹3,375 से ₹3,575 तक पहुंची।
★ मुंद्रा में कनाडा मटर ₹3,350 से ₹3,525 और रूस मटर ₹3,375 से ₹3,475 प्रति क्विंटल रही।
★ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी मामूली सुधार देखा गया।
★ मुंद्रा बंदरगाह पर कनाडा बल्क (C&F) दर $305 से बढ़कर $310 प्रति टन, जबकि कोलकाता बंदरगाह पर $315 से बढ़कर $320 प्रति टन रही।
★ 29 अक्टूबर को आयात शुल्क में बदलाव से पहले देशभर में मटर के भाव ₹3,150–₹3,575 प्रति क्विंटल के बीच थे। शुल्क लागू होने के बाद अब यह दायरा ₹3,475–₹3,925 प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है।
★ आयात शुल्क लागू होने के बाद यह बढ़ोतरी अपेक्षित थी, लेकिन अब बाजार की दिशा पर सभी की नजरें टिकी हैं।
★ कनाडा के पास भारत के अलावा पीली मटर के निर्यात के लिए कोई बड़ा विकल्प नहीं है, वहीं रूस में इस वर्ष बंपर उत्पादन हुआ है।
★ कनाडा, रूसी मटर का प्रमुख खरीदार है और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा को देखते हुए कम दामों पर निर्यात कर सकता है। इसके साथ ही, मसूर की अधिक उपलब्धता के कारण कनाडा के किसान दोनों फसलों (मटर और मसूर) को कम भावों पर बेचने को मजबूर हो सकते हैं।
★ हमारा मानना है कि आगामी महीनों में मटर की अंतिम बुवाई के आंकड़ों में रकबा घट सकता है।
★ आई-ग्रेन इंडिया के अनुसार, मौजूदा स्तरों पर कीमतें स्थिर रह सकती हैं। इस समय देशभर में मटर की बुवाई जारी है और शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक इसकी रफ्तार पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है। हाल की अच्छी बारिश और मिट्टी में नमी की पर्याप्तता ने बुवाई की स्थितियों को अनुकूल बना दिया है।
★ कुल मिलाकर, आयात शुल्क लागू होने के बाद मटर बाजार में मजबूती का रुझान बना हुआ है।
★ घरेलू मांग और सीमित आयात के कारण निकट भविष्य में भाव स्थिर से ऊपर के दायरे में रहने की संभावना है।
