मध्य प्रदेश में गेहूं की धीमी खरीद से कृषि मंत्री चिंतित

22-Apr-2026 10:31 AM

भोपाल। पंजाब के बाद केन्द्रीय पूल में गेहूं का योगदान देने वाले दूसरे सबसे प्रमुख राज्य- मध्य प्रदेश में चालू रबी  मार्केटिंग सीजन के दौरान इस महत्वपूर्ण खाद्यान्न की सरकारी खरीद की गति काफी धीमी होने से केन्द्रीय कृषि मंत्री और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान काफी चिंतित हैं।

उन्होंने इस सम्बन्ध में राज्य के मुख्यमंत्री से बातचीत करके गेहूं खरीद की रफ्तार बढ़ाने में आ रही दिक्कतों को दूर करने का आग्रह किया है ताकि किसानों को राहत मिल सके। 

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार वर्तमान रबी मार्केटिंग सीजन में 20 अप्रैल तक मध्य प्रदेश में केवल 7.26 लाख टन गेहूं की सरकारी खरीद संभव हो सकी जबकि पिछले साल की इसी अवधि में खरीद 47.15 लाख टन पर पहुंच गई थी।

हालांकि कुछ अन्य राज्यों की भांति मध्य प्रदेश में भी मार्च से ही गेहूं की खरीद करने की अनुमति दी गई थी लेकिन इसका कोई सार्थक नतीजा सामने नहीं आ सका।

आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि सिर्फ मध्य प्रदेश ही नहीं बल्कि पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश एवं राजस्थान में भी गेहूं की सरकारी खरीद गत वर्ष से काफी पीछे चल रही है। इन राज्यों  में मौसम की हालत ठीक नहीं थीं। 

समझा जाता है कि मध्य प्रदेश में इस बार गेहूं की खरीद के लिए सरकारी व्यवस्था में कुछ कमी रह गयी जिससे किसानों को क्रय केन्द्रों पर अपना गेहूं बेचने में कठिनाई हो रही है।

केन्द्रीय कृषि मंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को खरीद की रफ्तार बढ़ाने हेतु यथाशीघ्र पुख्ता प्रबंध सुनिश्चित करने के लिए कहा है। कई क्रय केन्द्रों पर जूट अथवा प्लास्टिक थैलियों (बोरियों) का अभाव देखा जा रहा है जिससे गेहूं के खरीदे गए स्टॉक की पैकिंग में देरी हो रही है।