मध्य प्रदेश में पीडीएस के तहत 4 किलो गेहूं एवं 1 किलो चावल देने का निर्णय
11-Aug-2025 01:50 PM
भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के माध्यम से लाभार्थियों के बीच वितरित किए जाने वाले खाद्यान्न के अनुपात में भारी परिवर्तन कर दिया है।
हालांकि प्रत्येक लाभार्थी को मिलने वाले खाद्यान्न की मासिक मात्रा तो 5 किलो पर ही रहेगी अब राजधानी में 4 किलो गेहूं एवं 1 किलो चावल का वितरण होगा जबकि अभी तक 3 किलो चावल तथा 2 किलो गेहूं दिया जा रहा था। इस तरह गेहूं की मात्रा 2 किलो बढाकर चावल की मात्रा को 2 किलो घटा दिया गया है।
केन्द्र सरकार ने इस सम्बन्ध में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा भेजे गए प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। खाद्यान्न वितरण का नया नियम राजधानी भोपाल सहित मध्य प्रदेश के सभी जिलों में लागू होगा।
मध्य प्रदेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री के अनुसार खाद्यान्न वितरण के अनुपात की विसंगति को दुरुस्त करने के लिए केन्द्रीय खाद्य, उपभोक्ता मामले एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री से मुलाकात करके 75 प्रतिशत गेहूं एवं 25 प्रतिशत चावल देने का अनुरोध किया गया था। केन्द्र सरकार के पास गेहूं का अच्छा खासा स्टॉक मौजूद है इसलिए उसे इस आग्रह को स्वीकार करने में कोई कठिनाई नहीं हुई और सरकार ने इस सम्बन्ध में नया आदेश जारी कर दिया है।
समझा जाता है कि मध्य प्रदेश में पीडीएस के तहत चावल का ज्यादा आवंटन होने से इसका बड़ा भाग खुले बाजार में पहुंच रहा था। ध्यान देने की बात है कि राज्य में चावल के बजाए गेहूं को ज्यादा पसंद किया जता है।
मध्य प्रदेश का पीडीएस वाला चावल खुले बाजार से होते हुए दक्षिण भारत में पहुंचने की सूचना मिल रही थी। दक्षिण भारत में चावल ही लोगों का प्रमुख खाद्य आहार है।
यह शिकायत भी राज्य सरकार को मिल रही थी कि मध्य प्रदेश के लाभार्थी पीडीएस में प्राप्त मुफ्त चावल का बड़ा भाग कम दाम पर व्यापारियों को बेच रहे थे।
लेकिन नए नियम के लागू होने पर यह प्रक्रिया बंद हो सकती है और तब व्यापारियों को खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के तहत बेचे जाने वाले सरकारी चावल की खरीद के लिए विवश होना पड़ सकता है।
