मध्य प्रदेश में दाल मिलर्स के लिए मंडी शुल्क माफ- निराश्रित शुल्क बरकरार

11-Aug-2025 10:53 AM

भोपाल। दाल मिलर्स के जोरदार आग्रह को स्वीकार करते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने दूसरे राज्यों से मंगाए जाने वाले साबुत अरहर (तुवर) पर मंडी शुल्क से छूट देने की घोषणा की है मगर मिलर्स को निराश्रित शुल्क से छूट नहीं दी गई है जो 0.20 प्रतिशत है। इतना ही नहीं बल्कि तुवर पर मंडी शुल्क में छूट के लिए कुछ शर्तें भी निर्धारित की गई हैं। 

राज्य मंडी बोर्ड ने सभी कृषि उत्पाद विपणन समितियों (एपीएमसी) के सचिवों को इस आशय का निर्देश जारी कर दिया है जिसमें कहा गया है कि बाहर से तुवर मंगाने वाले दाल मिलर्स से प्रत्येक 100 रुपए के माल पर 20 पैसे की दर से निराश्रित शुल्क की वसूली की जाए।

मंडी बोर्ड के निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि दाल मिलर्स को मंडी शुल्क के भुगतान से छूट प्राप्त करने के लिए कुछ शर्तों का पालन करना आवश्यक होगा। इसके तहत तुवर मंगाने कर प्रमाण प्रस्तुत करना पड़ेगा

और इससे सम्बन्धित दस्तावेज में खरीद का बिल, वे ब्रिज पर्ची, परिवहान की पर्ची और दूसरे राज्य में जमा किए गए मंडी शुल्क की पर्ची आदि सम्मिलित होगी। 

इसके साथ-साथ यह निर्देश भी दिया गया है कि दूसरे राज्यों से मंगाए जाने वाले साबुत तुवर का उपयोग दाल मिलर्स केवल अपनी इकाइयों में प्रोसेसिंग के लिए करेंगे और किसी अन्य व्यावसयिक उद्देश्य में उसका इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।

कहने का आशय है कि बाहर से मंगाए जाने वाले साबुत तुवर को खुले बाजार में बेचना वर्जित होगा। इतना ही नहीं बल्कि दाल मिलर्स को तुवर की खरीद एवं  प्रोसेसिंग का पूरा विवरण मंडी बोर्ड के ई- अनुज्ञा पोर्टल पर नियमित रूप से अपलोड एवं अपडेट भी करना पड़ेगा।

कृषि उपज मंडियों के साथियों से कहा गया है कि वे अपने संभाग (अधिकार क्षेत्र) में अवस्थित सभी दाल मिलर्स को इन शर्तों की जानकारी उपलब्ध करवाएं ताकि कहीं कोई भ्रम या असमंजस की स्थिति न रहे। उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश के दाल मिलर्स लम्बे समय से मंडी शुल्क से छूट देने की मांग कर रहे थे।