मध्य प्रदेश में धान पर बोनस के बजाए प्रत्यक्ष अनुदान देने पर विचार

27-Dec-2024 04:12 PM

भोपाल । अपने चुनावी घोषणा पत्र में भाजपा ने किसानों को धान की खरीद पर न्यूनतम समर्थन मूल्य से ऊपर अतिरिक्त बोनस देने का वादा किया था और अब सरकार बनने के बाद मध्य प्रदेश की सरकार इस फार्मूले में बदलाव करने पर विचार कर रही है।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री का कहना है कि बोनस की व्यवस्था का लाभ उन छोटे एवं सीमांत किसानों को नहीं मिल पाता है जो सरकारी समर्थन मूल्य पर अपना धान बेचने में सक्षम नहीं हो पाते हैं।

इसे देखते हुए राज्य सरकार सभी किसानों को बोनस के बजाए प्रति हेक्टेयर 2 हजार रुपए की दर से प्रत्यक्ष अनुदान देने पर गम्भीरतापूर्वक विचार कर रही है।

इस आशय का एक प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है जिसे राज्य मंत्रिमंडल की अगली बैठक में अनुमोदित किया जा सकता है। 

यदि 2 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर की दर से प्रत्यक्ष अनुदान देने का निर्णय लिया जाता है तो छोटे-बड़े सभी किसानों को फायदा होगा।

यदि वहीं किसान के खेत में धान की फसल क्षतिग्रस्त हो जाती है तब भी उसे अनुदान का लाभ मिल सकता है। क्षेत्रफल की कोई उच्चतम सीमा नियत नहीं होने पर बड़े-बड़े किसान ज्यादा लाभान्वित होंगे।

किसानों को धान के रकबे का विवरण सरकार को देना होगा क्योंकि उसके आधार पर ही अनुदान की राशि तय होगी। 

मध्य प्रदेश में धान की मिलिंग का रेट भी नियत किया गया है जिससे राइस मिलर्स को फायदा होगा। मध्य प्रदेश केन्द्रीय पूल में धान-चावल का अच्छा योगदान देता है।