म्यांमार में उड़द का उत्पादन 9 लाख टन पर पहुंचने का अनुमान

11-Aug-2025 01:10 PM

रंगून। एक अग्रणी व्यापारिक एवं निर्यातक प्रतिष्ठान- आर्वी इंटरनेशनल के श्याम नरसरिया का कहना है कि म्यांमार के मूंग की चीन में तथा उड़द की भारत में जबरदस्त मांग बनी हुई है जिससे स्थानीय किसानों को इसका उत्पादन बढ़ाने का अच्छा प्रोत्साहन एवं अवसर मिल रहा है।

चीन में म्यंमार से भारी मात्रा में मूंग का आयात हो रहा है जिससे पिछले छह माह के दौरान वहां म्यांमार से 3.25 लाख टन से कुछ अधिक मूंग का निर्यात हो गया। निर्यात की प्रक्रिया अभी जारी है। 

श्याम नरसरिया के अनुसार म्यांमार में पिछले साल करीब 7.50 लाख टन उड़द का उत्पादन हुआ था जबकि चालू वर्ष के दौरान यह 20 प्रतिशत बढ़कर 9 लाख टन के शीर्ष स्तर पर पहुंच जाने का अनुमान है।

इसी तरह अरहर (तुवर) का उत्पादन भी 17-18 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 3.50 लाख टन के आसपास पहुंचने की उम्मीद है। जहां तक मूंग का सवाल है तो म्यांमार में इसका उत्पादन पिछले साल के करीब 6 लाख टन से 10 प्रतिशत तक बढ़कर इस वर्ष 6.25-6.50 लाख टन के बीच पहुंचने की उम्मीद है। 

म्यांमार में दलहन फसलों के बिजाई क्षेत्र का सटीक अनुमान लगाना हमेशा कठिन रहता है क्योंकि वहां अनेक ऐसे छोटे-छोटे किसान है जो सीमित क्षेत्रफल में इसकी खेती करते हैं। सरकार को भी बिजाई क्षेत्र का आंकलन करने में भारी कठिनाई होती है।

लेकिन इतना तो निश्चित रूप से कहा जा सकता है कि देश में दलहनों का उत्पादन तेजी से बढ़ रहा है। सरकार भी किसानों एवं व्यापारिक संगठनों को भरपूर प्रोत्साहन दे रही है।

किसानों को उचित मूल्य पर अच्छी क्वालिटी का बीज तथा उर्वरक उपलब्ध करवाया जा रहा है। वर्ष 2025 के दौरान म्यांमार में दलहन फसलों का सम्पूर्ण उत्पादन 20 लाख टन की सीमा को पार करते हुए 220 लाख टन तक पहुंच जाने का अनुमान लगाया जा रहा है। 

हालांकि चीन में अब ब्राजील, अर्जेन्टीना एवं ऑस्ट्रेलिया से भी मूंग का आयात होने लगा है मगर म्यांमार  सबसे प्रमुख आपूर्तिकर्ता बना हुआ है। चीन में मूंग के वार्षिक आयात का स्तर बढ़कर अब 5 लाख टन से भी ऊपर पहुंच गया है। 

श्याम नरसरिया के मुताबिक भारत में दलहन फसलों के आयात की मांग इस बार कुछ कम देखी जा रही है क्योंकि वहां पीली मटर का भारी स्टॉक मौजूद है और इसके शुल्क मुक्त आयात की समयसीमा भी 31 मार्च 2026 तक बढ़ा दी गई है।

लेकिन त्यौहारी सीजन की मांग 10 अगस्त के बाद अगले तीन महीनों तक मजबूत रहने की उम्मीद है। दलहनों का वैश्विक बाजार भाव भी कुछ नरम पड़ा है।

अगस्त में इसका दाम न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे आ गया है। म्यांमार के सभी दलहनों की मांग में अगले एक-डेढ़ माह के दौरान 10 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है।