म्यांमार से उड़द एवं तुवर का निर्यात गत वर्ष से पीछे
04-May-2026 11:12 AM
रंगून। भारत के पूर्वोत्तर पड़ोसी देश- म्यांमार से इस वर्ष उड़द एवं तुवर के निर्यात शिपमेंट की गति कुछ धीमी चल रही है। हालांकि वहां सामान्य होने से इन दोनों दलहनों का अच्छा खासा निर्यात योग्य स्टॉक मौजूद है लेकिन समझा जाता है कि खासकर भारत में मांग कमजोर रहने से कुल शिपमेंट में गिरावट आ गई। म्यांमार से उड़द एवं तुवर का सर्वाधिक निर्यात भारत को ही किया जाता है जो दुनिया में दलहनों का सबसे बड़ा आयातित बना हुआ है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार चालू कैलेंडर वर्ष के शुरुआती चार महीनों में यानी जनवरी-अप्रैल 2026 के दौरान म्यांमार से कुल 2,60,799 टन उड़द का निर्यात हुआ जो वर्ष 2025 के इन्हीं महीनों के शिपमेंट 3,05,259 टन से काफी कम रहा। इससे पूर्व वर्ष 2024 के आरंभिक चार महीनों में म्यांमार से 3,06,730 टन उड़द का निर्यात किया गया था।
वर्ष 2025 के मुकाबले 2026 के दौरान म्यांमार से उड़द का निर्यात जनवरी में 80,266 टन से सुधरकर 82,674 टन तथा फरवरी में 69,559 टन से बढ़कर 75,038 टन पर पहुंच गया लेकिन इसका शिपमेंट मार्च में 89,563 टन से लुढ़ककर 53,962 टन तथा अप्रैल में 65,871 टन से घटकर 49,125 टन पर अटक गया। म्यांमार से 90 प्रतिशत से अधिक उड़द का निर्यात अकेले भारत को किया जाता है। भारत में ब्रजील से भी उड़द का आयात होता है।
जहां तक तुवर का सवाल है तो जनवरी-अप्रैल 2026 में म्यांमार से इसका कुल निर्यात 88,494 टन पर ही पहुंच सका जो वर्ष 2025 की समान अवधि के शिपमेंट 1,18,892 टन से काफी कम रहा। इससे पहले वर्ष 2024 के इन्ही चार महीनों में वहां से 1,22,268 टन तुवर का निर्यात किया गया था। भारत तुवर का अधिकांश आयात अफ्रीकी देशों से किया जाता है।
वर्ष 2025 की तुलना में वर्ष 2026 के दौरान म्यांमार से जनवरी में तुवर का निर्यात 5606 टन से बढ़कर 17,160 टन पर पहुंचा लेकिन फरवरी में 28725 टन से गिरकर 24,755 टन, मार्च में 41,410 टन से घटकर 27,269 टन और अप्रैल में 43,151 टन से लुढ़ककर 19309 टन पर सिमट गया।
