नेपाल से वस्तुओं के कुल निर्यात में 72.71 प्रतिशत की जोरदार वृद्धि

10-Jun-2025 04:31 PM

काठमांडू। चालू वित्त वर्ष के आरंभिक 10 महीनों में यानी मध्य जुलाई 2024 से मध्य मई 2025 के दौरान नेपाल से उच्च मूल्य वाले उत्पादों की निर्यात आय में 6.74 प्रतिशत की सामान्य बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। इसमें यार्न, जूट एवं इसके उत्पाद, चाय एवं फैब्रिक्स आदि शामिल है। व्यापार एवं निर्यात संवर्धन केन्द्र (टीईपीसी) के अंतर्गत सूचीबद्ध वस्तुओं के निर्यात से इन दस महीनों की अवधि में 83.10 अरब रुपए की आमदनी प्राप्त हुई। इन 10 महीनों में नेपाल से कुल मिलाकर 217.91 अरब रुपए मूल्य के उत्पादों का निर्यात हुआ जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की तुलना में 72.71 प्रतिशत अधिक रहा। 

दरअसल रिफाइंड खाद्य तेलों- सोयाबीन तेल, सूरजमुखी तेल एवं पाम तेल के निर्यात में नाटकीय बढ़ोत्तरी होने से नेपाली वस्तुओं के शिपमेंट एवं राजस्व में जबरदस्त इजाफा हुआ। यद्यपि नेपाल में इन खाद्य तेलों का व्यावसायिक उत्पादन नगण्य होता है लेकिन विदेशों से इसका भारी आयात करके भारतीय बाजारों में उसका पुनर्निर्यात किया जाता है। उल्लेखनीय है कि दक्षिण एशिया मुक्त व्यापार क्षेत्र (साफ्टा) संधि के तहत भारत में नेपाल से खाद्य तेल सहित अनेक अन्य वस्तुओं के शुल्क मुक्त आयात की अनुमति दी गई है जिसका नेपाल भरपूर फायदा उठा रहा है।  

मध्य जुलाई 2024 से मई 2025 के दस महीनों में नेपाल से 90.75 अरब रुपए मूल्य के 4,30,504 टन रिफाइंड खाद्य तेल का निर्यात हुआ। दरअसल सितम्बर 2024 में भारत सरकार द्वारा खाद्य तेलों के आयात पर मूल सीमा शुल्क में 20 प्रतिशत बिंदु की भारी बढ़ोत्तरी किए जाने से नेपाल के निर्यातकों को निर्यात बढ़ाने का सुनहरा अवसर मिल गया। अब भारत सरकार ने क्रूड खाद्य तेलों पर मूल आयात शुल्क को 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत नियत कर दिया है जबकि रिफाइंड खाद्य तेलों पर आयात शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया गया है इसके फलस्वरूप नेपाल से अब रिफाइंड खाद्य तेल मंगाना ज्यादा लाभदायक साबित नहीं होगा। इससे नेपाल के रिफाइनर्स को जोरदार झटका लगने की आशंका है जबकि भारतीय रिफाइनर्स को कुछ राहत मिलेगी।