निर्यात कोटा बरकरार रहने से चीनी का भाव घटने की संभावना नहीं
28-Mar-2025 12:48 PM
मुम्बई। हालांकि पिछले सीजन के मुकाबले चालू मार्केटिंग सीजन के दौरान चीनी के घरेलू उत्पादन में 50-60 लाख टन की जोरदार गिरावट आने की आशंका है लेकिन फिर भी सरकार इसके निर्यात कोटे में कटौती करने या कोटा को वापस लेने के मूड में नहीं है।
पहले यह खबर आ रही थी कि निर्यात कोटे के बारे में सरकार पुनर्विचार कर सकती है लेकिन बाद में स्थिति स्पष्ट कर दी गई।
उल्लेखनीय है कि जनवरी में सरकार ने 2024-25 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) के लिए देशभर की मिलों को कुल 10 लाख टन चीनी के निर्यात की स्वीकृति दी थी जिसमें से 6 लाख टन से अधिक का निर्यात अनुबंध हो चुका है।
ऐसे मुकाम पर सरकार कोई प्रतिकूल निर्णय नहीं लेना चाहती है। वैसे भी शीर्ष उद्योग संस्था- इस्मा ने जो अनुमानित आंकड़ा प्रस्तुत किया है इससे साफ पता चलता है कि 2024-25 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन के दौरान घरेलू प्रभाग में चीनी की आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति सुगम बनी रहेगी और सीजन के अंत में भी इसका अच्छा स्टॉक मौजूद रहेगा।
यदि निर्यात कोटे के मामले में कोई अप्रिय निर्णय लिया जाता तो घरेलू बाजार में चीनी के दाम पर आंशिक रूप से मनोवैज्ञानिक दबाव पड़ सकता था मगर सरकार की ओर से अभी तक ऐसा कोई संकेत नहीं दिया गया है।
इस बीच अप्रैल माह के लिए 23.50 लाख टन चीनी का फ्री सेल कोटा घोषित किया गया है जिसे लगभग सामान्य माना जा रहा है और इसलिए कीमतों में गिरावट आने की संभावना बहुत कम है।
50-100 रुपए प्रति क्विंटल के सामान्य उतार-चढ़ाव के साथ चीनी का भाव एक निश्चित दायरे में घूमता रह सकता है जबकि मांग एवं आपूर्ति के अनुरूप इसमें कुछ और तेजी-मंदी कभी-कभार आ सकती है।
आमतौर पर अप्रैल में 22-23 लाख टन चीनी की खपत हो जाती है क्योंकि इसकी औधोगिक मांग मजबूत रहती है। इस्मा ने 2024-25 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन में 264 लाख टन चीनी का उत्पादन, 280 लाख टन का घरेलू उपयोग एवं 10 लाख टन का निर्यात होने का अनुमान लगाया है।
