News Capsule/न्यूज कैप्सूल: भारत के एग्री-एक्सपोर्ट को मजबूती: प्रोसेस्ड शुगर की बढ़ती भूमिका

18-Apr-2026 11:33 AM

News Capsule/न्यूज कैप्सूल: भारत के एग्री-एक्सपोर्ट को मजबूती: प्रोसेस्ड शुगर की बढ़ती भूमिका
★ भारत का चीनी उद्योग पिछले कुछ वर्षों में बड़े बदलाव से गुजरा है। पहले यह सिर्फ घरेलू जरूरतों को पूरा करने वाला सेक्टर था, लेकिन अब यह अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप एक प्रतिस्पर्धी मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री बन चुका है। खासकर रिफाइंड और प्रोसेस्ड शुगर के क्षेत्र में भारत की पकड़ मजबूत हो रही है।
★ वर्तमान चीनी सीजन में उत्पादन के आंकड़े इस बदलाव को स्पष्ट करते हैं:
★ जनवरी 2026 तक उत्पादन: 193.05 लाख मीट्रिक टन
★ पिछले साल इसी अवधि में: 165.30 लाख मीट्रिक टन
★ रिकवरी रेट: 9.11%
★ यह बढ़ोतरी दर्शाती है कि मिलों की कार्यक्षमता बढ़ी है और वे अधिक निर्यात के लिए तैयार हैं।
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निर्यात नीति और बाजार विस्तार
★ चीनी अधिशेष को संतुलित करने के लिए Ministry of Consumer Affairs, Food and Public Distribution ने संतुलित (calibrated) निर्यात नीति अपनाई है:
★ शुरुआती निर्यात कोटा: 15 लाख टन
★ अतिरिक्त कोटा: 5 लाख टन
★ कुल निर्यात लक्ष्य: 20 लाख टन
★ इस रणनीति से देश में उपलब्धता भी बनी रहती है और उद्योग को वैश्विक बाजार का लाभ भी मिलता है। फरवरी 2026 तक निर्यात शुरू हो चुका है और रिफाइंड व व्हाइट शुगर की हिस्सेदारी इसमें बढ़ रही है।
★ चीनी उद्योग का एक बड़ा बदलाव National Biofuel Policy के साथ जुड़ाव है।
★ भारत 20% एथेनॉल ब्लेंडिंग लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है
★ चीनी मिलें अब एथेनॉल और शुगर—दोनों से कमाई कर रही हैं
★ इससे मिलों को अपनी क्षमता का बेहतर उपयोग करने और आय के नए स्रोत बनाने में मदद मिल रही है, साथ ही देश की ऊर्जा सुरक्षा भी मजबूत हो रही है।
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ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती
★ प्रोसेस्ड शुगर का निर्यात बढ़ने से किसानों को भी सीधा लाभ मिल रहा है:
★ 5 करोड़ से ज्यादा गन्ना किसानों की आय स्थिर होती है
★ 2025-26 के लिए FRP ₹355 प्रति क्विंटल तय किया गया है
★ यह अब तक का उच्च स्तर है, जो सेक्टर के बढ़ते महत्व को दर्शाता है।
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वैश्विक प्रतिस्पर्धा में सुधार
★ भारतीय मिलें अब सल्फर-फ्री और क्लीन-लेबल शुगर उत्पादन अपना रही हैं
★ कच्ची चीनी से हटकर उच्च मूल्य वाले उत्पादों पर ध्यान दे रही हैं
★ इससे भारत को अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेहतर कीमत और स्थिर मांग मिल रही है।
★ चीनी उद्योग का यह बदलाव भारत की एग्री-एक्सपोर्ट रणनीति को नई दिशा दे रहा है। प्रोसेस्ड शुगर अब सिर्फ एक उत्पाद नहीं, बल्कि देश के व्यापार संतुलन, किसानों की आय और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बन चुका है।