News Capsule/न्यूज कैप्सूल: काजू उद्योग संकट में: वियतनाम के प्रोसेसरों पर बढ़ा दबाव, भारत की हिस्सेदारी घटी

11-Nov-2025 10:19 AM

News Capsule/न्यूज कैप्सूल: काजू उद्योग संकट में: वियतनाम के प्रोसेसरों पर बढ़ा दबाव, भारत की हिस्सेदारी घटी
★ वियतनाम के काजू प्रोसेसर इस समय गंभीर वित्तीय दबाव में हैं। कच्चे काजू (RCN) की अंतरराष्ट्रीय कीमतें तेज़ी से बढ़ रही हैं, जबकि प्रसंस्कृत काजू गिरी (kernels) के निर्यात मूल्य में उतनी तेजी नहीं आ रही। इससे वियतनाम के कई कारखाने घाटे में चल रहे हैं, और कुछ ने तो दिवालियापन तक की स्थिति झेलनी पड़ी है।
★ वियतनाम अब भी दुनिया के कुल काजू निर्यात का लगभग 80% करता है, लेकिन इसके पास स्वयं उत्पादन बहुत कम (सिर्फ 3 लाख टन) है। देश को हर साल करीब 35 लाख टन कच्चे काजू की आवश्यकता होती है, जो मुख्यतः अफ्रीकी देशों से आयात किए जाते हैं।
★ अफ्रीका के कई देशों ने अब स्थानीय प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के लिए RCN के निर्यात पर प्रतिबंध या नियंत्रण लगाना शुरू कर दिया है, जिससे वियतनामी उद्योग को कच्चे माल की कमी का सामना करना पड़ रहा है।
★ यूरोपीय संघ (EU) के काजू आयात के आंकड़ों के अनुसार, भारत से काजू निर्यात में 14.3% की गिरावट दर्ज की गई है। जनवरी से अक्टूबर 2025 के बीच भारत ने EU को लगभग 6,898 मीट्रिक टन काजू भेजे, जबकि पिछले वर्ष यह मात्रा 8,050 मीट्रिक टन थी।
★ इसके विपरीत, कोटे द’ईवोआर ने अपने निर्यात में 32% की बढ़ोतरी की है, जिससे वह EU का दूसरा सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता बन गया है।