रूई की प्रेसिंग के अनुमान में 2.50 लाख गांठ की कटौती

14-Feb-2025 08:32 PM

अहमदाबाद । एक अग्रणी व्यापारिक संस्था- कॉटन एसोसिएशन ऑफ इण्डिया ने अपनी पिछल मासिक रिपोर्ट में 2024-25 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) में 304.25 लाख गांठ (170 किलो प्रत्येक गांठ) कपास की प्रेसिंग होने का अनुमान लगाया था जिसे नई मासिक रिपोर्ट में 2.50 लाख गांठ घटाकर 301.75 लाख गांठ नियत कर दिया है।

रूई की प्रेसिंग का अनुमान पंजाब में 25 हजार गांठ, हरियाणा में 1.20 लाख तथा राजस्थान में 1.08 लाख गांठ घटाया गया है। इसके अलावा गुजरात में प्रेसिंग के अनुमान में 5 लाख गांठ की कटौती की गई है लेकिन तेलंगाना में अनुमान 5 लाख गांठ बढ़ा दिया गया है जिससे उसकी भरपाई हो जाएगी। 

एसोसिएशन ने 2024-25 सीजन के लिए रूई की खपत का अनुमान 315 लाख गांठ के पिछले स्तर पर बरकरार रखा है। इसमें से 114 लाख गांठ की खपत 31 जनवरी 2025 तक हो चुकी थी। इस ओर मार्केटिंग सीजन के लिए विदेशों से रूई के आयात का अनुमान 25 लाख गांठ से बढ़ाकर 26 लाख गांठ नियत कर दिया।

यह अनुमानित आंकड़ा 2023-24 सीजन के कुल आयात से 10.80 लाख गनाथ ज्यादा है। चालू सीजन में अक्टूबर 2024 से जनवरी 2025 के दौरान भारतीय बंदरगाहों पर 16 लाख रूई का आयात हो चुका था। 

एसोसिएशन के अनुसार  पिछले मार्केटिंग सीजन के दौरान देश से 28.36 लाख गांठ रूई का निर्यात हुआ था जो चालू  मार्केटिंग सीजन में 11.36 लाख गांठ घटकर 17 लाख गांठ पर अटकने की संभावना है। यह आंकड़ा पिछले महीने के अनुमान 18 लाख गांठ से भी 1 लाख गांठ कम है।  

मांग एवं आपूर्ति का समीकरण पूरा होने के बाद चालू मार्केटिंग सीजन के अंत में यानी 30 सितम्बर 2025 को 25.94 लाख गांठ रूई का अधिशेष स्टॉक बचने की उम्मीद है जो 2023-24 सीजन की समाप्ति के समय मौजूद स्टॉक 30.19 लाख गांठ से काफी कम है।