रूस से अगले सीजन में 450 लाख टन गेहूं का निर्यात होने का अनुमान

14-May-2025 06:03 PM

मास्को। चीन और भारत के बाद रूस दुनिया में गेहूं का तीसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश है जबकि इसके निर्यात में वह प्रथम स्थान पर रहता है।

इस बार वहां फसल की हालत पिछले साल से कुछ बेहतर  है जिससे उत्पादन में थोड़ी बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद की जा रही है। इससे निर्यात योग्य स्टॉक में इजाफा होगा। 

अमरीकी कृषि विभाग (उस्डा) के अनुसार 2024-25 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन (जुलाई-जून) के दौरान रूस में करीब 816 लाख टन गेहूं का उत्पादन हुआ और वहां से 435 लाख टन का निर्यात होने की संभावना है।

इसके मुकाबले 2025-26 के मार्केटिंग सीजन में गेहूं का उत्पादन 14 लाख टन बढ़कर 830 लाख टन तथा निर्यात 15 लाख टन बढ़कर 450 लाख टन पर पहुंचने का अनुमान है।

रूस में गेहूं का कुछ पिछला बकाया स्टॉक मौजूद है जबकि मिस्र एवं तुर्की जैसे प्रमुख आयातक देशों में इसकी मांग मजबूत रहने की उम्मीद है।

ध्यान देने वाली बात है कि रूस का गेहूं अमरीका, कनाडा, अर्जेन्टीना, ऑस्ट्रेलिया तथा यूरोपीय संघ के सदस्य देशों से सस्ता होता है इसलिए वैश्विक बाजार में इसकी मांग अधिक रहती है। वहां सामुद्रिक परिवहन तथा जहाजों की भी कोई समस्या नहीं है। 

उस्डा के मुताबिक 2024-25 सीजन के मुकाबले 2025-26 सीजन के दौरान गेहूं का निर्यात अर्जेन्टीना से 110 लाख टन से बढ़कर 130 लाख टन, यूरोपीय संघ से 265 लाख टन से उछलकर 340 लाख टन तथा यूक्रेन से 160 लाख टन से सुधरकर 165 लाख टन पर पहुंचने की उम्मीद है जबकि कनाडा से निर्यात 270 लाख टन के पुराने स्तर पर बरकरार रह सकता है।

दूसरी ओर इस अवधि में गेहूं का निर्यात ऑस्ट्रेलिया से 250 लाख टन से घटकर 230 लाख टन तथा अमरीका से 223 लाख टन से गिरकर 218 लाख टन पर अटक जाने की संभावना है। 

अमरीका रूस, यूक्रेन एवं यूरोपीय संघ में जुलाई 2025 से नए गेहूं की आवक शुरू हो जाती है जबकि ऑस्ट्रेलिया एवं अर्जेन्टीना में अक्टूबर-दिसम्बर के दौरान आपूर्ति जोर पकड़ती है।

ऑस्ट्रेलिया में गेहूं की बिजाई का सीजन तो पहले ही आरंभ हो चुका है मगर शुष्क मौसम के कारण बीज में अंकुरण ठीक से नहीं हो रहा है।

वहां इस महत्वपूर्ण खाद्यान्न का उत्पादन 2024-25 सीजन के 341 लाख टन से  31 लाख टन घटकर 2025-26 के सीजन में 310 लाख टन रह जाने का अनुमान लगाया गया है।