पहली छमाही में केवल 27.37 लाख टन पाम तेल का आयात

16-May-2025 08:44 PM

मुम्बई। सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सी) द्वारा संकलित आंकड़ों से पता चलता है कि वर्तमान मार्केटिंग सीजन की पहली छमाही में यानी नवम्बर 2024 से अप्रैल 2023 के दौरान देश में पाम संवर्ग के तेलों का कुल आयात घटकर 27.37 लाख टन पर अटक गया जो 2023-24 के मार्केटिंग सीजन की समान अवधि के आयात 42.14 लाख टन से काफी कम रहा। चालू सीजन के आयात में 7.39 लाख टन आरबीडी पामोलीन 19.65 लाख टन क्रूड पाम तेल तथा 33 हजार टन क्रूड पाम कर्नेल तेल शामिल था। 

भारत में पाम संवर्ग के क्रूड एवं रिफाइंड खाद्य तेल का आयात मुख्यतः इंडोनेशिया एवं मलेशिया से होता है जबकि थाईलैंड सहित कुछ अन्य देशों से भी थोड़ी बहुत मात्रा में इसका आयात किया जाता  है।

हालांकि पाम तेल का आयात नवम्बर 2024 में 842 लाख टन पर पहुंचा था और दिसम्बर 2024 में भी 5 लाख टन दर्ज किया गया लेकिन उसके बाद से इसमें भारी गिरावट का दौर शुरू हो गया। इसका कारण यह था कि पाम तेल का निर्यात ऑफर मूल्य सोयाबीन तेल से ऊपर पहुंच गया।

आमतौर पर सोया तेल का भाव पाम तेल से 100-150 डॉलर प्रति टन ऊंचा रहता है लेकिन दिसम्बर 2024 से पाम तेल का दाम ही सोया तेल से 50-100 डॉलर प्रति टन ऊंचा हो गया।

इसके फलस्वरूप खासकर क्रूड पाम तेल (सीपीओ) की खरीद के प्रति भारतीय रिफाइनर्स की दिलचस्पी काफी घट गई और उन्होंने सोयाबीन तेल तथा सूरजमुखी तेल का आयात बढ़ाना शुरू कर दिया। 

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार पाम तेल (रिफाइंड पामोलीन सहित) का आयात जनवरी 2025 में लुढ़ककर 2.75 लाख टन पर सिमट गया।

इसके बाद फरवरी में आयात सुधरकर 3.74 लाख टन तथा मार्च में बढ़कर 4.25 लाख टन पर पहुंचा मगर अप्रैल में एक बार फिर घटकर 3.21 लाख टन के करीब रह गया। कहने का मतलब है कि वर्ष 2025 के किसी भी महीने में पाम तेल का आयात 5 लाख टन के स्तर तक नहीं पहुंच सका। अब मई पर सबका ध्यान केन्द्रित है।