पंजाब, हरियाणा, तमिलनाडु और उत्तराखंड में चावल की सरकारी खरीद घटी
05-Dec-2024 10:48 AM
नई दिल्ली । केन्द्रीय खाद्य मंत्रालय के नवीनतम आंकड़ों से पता चलता है कि 2024-25 के वर्तमान खरीफ मार्केटिंग सीजन में 1 अक्टूबर से 3 दिसम्बर के बीच राष्ट्रीय स्तर पर कुल 200.77 लाख टन चावल (इसके समतुल्य धान) की सरकारी खरीद हुई जो पिछले साल की समान अवधि की कुल खरीद 205.75 लाख टन से करीब 5 लाख टन या 2.4 प्रतिशत कम रही।
हालांकि समीक्षाधीन अवधि के दौरान आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ एवं उत्तर प्रदेश में चावल की खरीद में बढ़ोत्तरी हुई मगर पंजाब, हरियाणा, तमिलनाडु एवं उत्तराखंड में गिरावट दर्ज की गई।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार पिछले साल की तुलना में चालू खरीफ मार्केटिंग सीजन के दौरान चावल की सरकारी खरीद आंध्र प्रदेश में 1.42 लाख टन से उछलकर 3.97 लाख टन, तेलंगाना में 13.79 लाख टन से सुधरकर 14.13 लाख टन,
छत्तीसगढ़ में 9.55 लाख टन से उछलकर 13.18 लाख टन तथा उत्तर प्रदेश में 7.40 लाख टन से बढ़कर 9.24 लाख टन पर पहुंच गई लेकिन दूसरी ओर खरीद की मात्रा पंजाब में 124.25 लाख टन से लुढ़ककर 115.53 लाख टन,
हरियाणा में 39.49 लाख टन से घटकर 35.99 लाख टन, तमिलनाडु में 3.70 लाख टन से फिसलकर 3.46 लाख टन तथा उत्तराखंड में 4.05 लाख टन से गिरकर 3.30 लाख टन पर अटक गई। उल्लेखनीय है कि पंजाब केन्द्रीय पूल में चावल का सर्वाधिक योगदान देने वाला राज्य है।
पंजाब-हरियाणा में धान की सरकारी खरीद की प्रक्रिया बंद हो चुकी है। वहां इस बार संयुक्त रूप से केवल 151.52 लाख टन चावल के समतुल्य धान खरीदा गया जो पिछले साल की मात्रा 163.63 लाख टन से 12.11 लाख टन या 7.4 प्रतिशत कम रहा।
सरकार ने इन दोनों राज्यों में धान की बम्पर पैदावार को देखते हुए 164 लाख टन चावल की खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया था। सरकारी स्तर पर धान की खरीद के लिए हरियाणा में 15 नवम्बर तथा पंजाब में 30 नवम्बर तक की समय सीमा नियत की गई थी और अभी तक इसको बढ़ाने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
उल्लेखनीय है कि केन्द्रीय पूल के लिए इस बार खरीफ कालीन चावल की खरीद का लक्ष्य 492.11 लाख टन निर्धारित किया गया है जो 2023-24 के सीजन हेतु नियत लक्ष्य 521.27 लाख टन से कम है। 2023-24 के सम्पूर्ण मार्केटिंग सीजन (खरीफ + रबी) के दौरान कुल 525.37 लाख टन तथा 2022-23 के सीजन में 569.40 लाख टन चावल की सरकारी खरीद हुई थी।
