पंजाब की मंडियों में गेहूं की रिकॉर्ड व्यापारिक खरीद जारी
23-Apr-2025 11:37 AM
चंडीगढ़। केन्द्रीय पूल में खाद्यान्न का सर्वाधिक योगदान देने वाले राज्य- पंजाब में चालू रबी मार्केटिंग सीजन के दौरान गेहूं की व्यापारिक खरीद में अप्रत्याशित रूप से जबरदस्त बढ़ोत्तरी देखी जा रही है।
मोटे अनुमान के अनुसार इस बार अभी तक पंजाब की विभिन्न मंडियों में गेहूं की जितनी आवक हुई है उसमें से 10 प्रतिशत से ज्यादा की खरीद व्यापारियों / स्टॉकिस्टों एवं फ्लोर मिलर्स- प्रोसेसर्स द्वारा की गई है। खरीद की प्रक्रिया अभी जारी है इसलिए इस मात्रा में और बढ़ोत्तरी हो सकती है।
प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक पंजाब में इस बार 22 अप्रैल 2025 तक कुल मिलाकर 46.49 लाख टन गेहूं खरीदा गया जिसमें से 4.68 लाख टन की खरीद व्यापारियों / मिलर्स द्वारा की गई।
ये प्राइवेट खरीदार किसानों से 2630-2640 रुपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीद रहे हैं जबकि सरकारी एजेंसियां 2425 रुपए प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर ही गेहूं खरीद रही है।
इस बार पंजाब के संगरूर जिले की मंडियों में गेहूं की सबसे ज्यादा व्यापारिक खरीद होने की सूचना मिल रही है। वहां लगभग 1.30 लाख टन गेहूं की व्यापारिक खरीद हो चुकी है।
इसके अलावा लुधियाना में 86 हजार टन से अधिक, फरीदकोट में करीब 58 हजार टन, फाजिल्का में 28 हजार टन और भटिंडा में लगभग 24 हजार टन गेहूं की व्यापारिक खरीद हुई है।
ध्यान देने की बात है कि ऊंचे मंडी शुल्क एवं सरकारी एजेंसियों की सक्रियता के कारण पंजाब में हमेशा गेहूं की व्यापारिक खरीद बहुत कम या नगण्य होती रही है और कभी-कभार ही इसकी मात्रा 3 प्रतिशत से ऊपर पहुंची है जबकि इस बार 10 प्रतिशत की सीमा को पार कर गई है।
कमीशन एजेंटों का कहना है कि पंजाब के फ्लोर मिलर्स पहले उत्तर प्रदेश एवं राजस्थान जैसे पड़ोसी प्रांतों से गेहूं खरीदते थे मगर इस बार स्थानीय मंडियों में ही इसकी खरीद कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश में पहले किसानों को कम दाम पर गेहूं बेचना पड़ता था मगर अब वहां इसका भाव एमएसपी के स्तर पर चल रहा है और परिवहन तथा अन्य खर्चों को देखते हुए यूपी का गेहूं अब पंजाब के फ्लोर मिलर्स के लिए आर्थिक दृष्टि से ज्यादा फायदेमंद साबित नहीं हो रहा है।
उधर राजस्थान में राज्य सरकार ने गेहूं पर 150 रुपए प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस देने की घोषणा की है जिससे वहां गेहूं की सरकारी खरीद 2575 रुपए प्रति क्विंटल की दर से हो रही है इसलिए वहां से भी गेहूं मंगाना पंजाब के फ्लोर मिलर्स के लिए ज्यादा आकर्षक या लाभदायक नहीं है।
पंजाब में इस बार अनेक पशु आहार निर्माण कंपनियां तथा कुछ बीज निर्माता फर्में भी गेहूं खरीद कर रही हैं। इतना ही नहीं बल्कि जिन कमीशन एजेंटों और उत्पादकों के पास भंडारण की अधिक क्षमता है वे गेहूं का स्टॉक दबाने का भी प्रयास कर रहे हैं।
