पंजाब में गेहूं की खरीद में प्राइवेट व्यापारियों की सक्रियता बढ़ी

14-Apr-2025 03:16 PM

लुधियाना। केन्द्रीय पूल में खाद्यान्न का सार्वाधिक योगदान देने वाले राज्य- पंजाब में सरकारी एजेंसियों द्वारा किसानों से 2425 रुपए प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं खरीदा जा रहा है जबकि व्यापारी एवं मिलर्स इससे ऊंचे दाम का ऑफर दे रहे हैं और इसलिए उसे अधिक मात्रा में गेहूं खरीदने का अवसर मिल रहा ही।

यद्यपि पंजाब की मंडियों में गेहूं की आवक अभी शुरू ही हुई है लेकिन प्राइवेट व्यापारियों की सक्रियता ज्यादा देखी जा रही है। शीघ्र ही वहां आपूर्ति की गति तेज होने की उम्मीद है। 

संगरूर जिले में तो विचित्र स्थिति देखी गई। वहां जितना गेहूं आया उसके 90 प्रतिशत भाग की खरीद व्यापारियों / मिलर्स द्वारा कर ली गई क्योंकि ये खरीदार किसानों को सरकारी समर्थन मूल्य से 5-10 रुपए प्रति क्विंटल का ऊंचा दाम दे रहे हैं। कुछ क्षेत्रों में किसानों को उससे भी ऊंचा दाम मिल रहा है।

चूंकि सरकार ने गेहूं पर लागू भंडारण सीमा को समाप्त कर दिया है इसलिए प्राइवेट व्यापारी अपनी इच्छा के अनुसार इसकी खरीद के लिए स्वतंत्र हो गए हैं।

2022-23 के रबी मार्केटिंग सीजन के दौरान पंजाब में कुल 102.76 लाख टन गेहूं की खरीद हुई थी जिसमें से 9639 लाख टन का स्टॉक सरकारी एजेंसियों द्वारा तथा 6.37 लाख टन पर पहुंची मगर उसमें निजी व्यापारियों की भागीदारी केवल 4.68 लाख टन तथा सरकारी एजेंसियों की हिस्सेदारी 121.07 लाख टन की थी।

2024-25 के मार्केटिंग सीजन में पंजाब में 132.11 लाख टन गेहूं खरीदा गया जिसमें सरकारी एजेंसियों की खरीद 124.56 लाख टन तथा प्राइवेट व्यापारियों की खरीद 7.55 लाख टन दर्ज की गई। 

फाजिल्का जिले के अबोहर क्षेत्र में प्राइवेट व्यापारी गेहूं किसानों को 2600 रुपए प्रति क्विंटल तक का ऑफर दे रहे हैं जो सरकारी समर्थन मूल्य 2425 रुपए प्रति क्विंटल से 175 रुपए अधिक है।

आगे जब गेहूं की जोरदार आपूर्ति होगी तब इसकी खरीद में सरकारी एजेंसियों को प्राइवेट खरीदारों की चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।