पंजाब में केन्द्रीय पूल के लिए धान की खरीद में आ रही है गिरावट

22-Aug-2025 04:32 PM

नई दिल्ली। हालांकि केन्द्र सरकार ने पंजाब में गेहूं एवं धान की खरीद प्रक्रिया में देरी करने के आरोप को गलत बताया है लेकिन इतना अवश्य माना है कि पिछले तीन साल से राज्य में केन्द्रीय पूल के लिए धान की खरीद में गिरावट आ रही है।

गेहूं की खरीदारी सन्तोषजनक रही है। उल्लेखनीय है कि पंजाब केन्द्रीय पूल में खाद्यान्न (गेहूं एवं चावल) का सर्वाधिक योगदान देने वाला राज्य है। 

केन्द्रीय खाद्य राज्य मंत्री के अनुसार पंजाब में गेहूं की सरकारी खरीद 1 अप्रैल से तथा धान की खरीद 1 अक्टूबर से आरंभ होती है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार पंजाब में गेहूं की सरकारी खरीद 2022-23 सीजन के 96.45 लाख टन से बढ़कर 2023-24 में 121.12 लाख टन तथा 2024-25 के सीजन में 124.57 लाख टन पर पहुंच गई।

दूसरी ओर धान की सरकारी खरीद 2022-23 के सीजन में 186.11 लाख टन के शीर्ष स्तर पर पहुंची थी जो 2023-24 के सीजन में गिरकर 185.28 लाख टन तथा 2024-25 के सीजन में घटकर 173.33 लाख टन पर अटक गई। 

खाद्य मंत्रालय में स्पष्टीकरण दिया है कि गेहूं तथा धान की खरीद का स्तर उत्पादन आंकड़े के आधार पर  निर्धारित किया जाता है। मंडियों में कितना स्टॉक आता है और उत्पादन में किस तरह का बदलाव  हुआ है उससे भी खरीद की प्रक्रिया प्रभावित होती है।

केन्द्र सरकार बफर स्टॉक के लिए अधिक से अधिक मात्रा में धान और गेहूं की खरीद सुनिश्चित करती है। इसकी खरीद एवं पैकिंग तथा ढुलाई (परिवहन) का पक्का प्रबंध किया जाता है।

क्रय केन्द्रों से खाद्यान्न का उठाव भी तेज गति से होता है। राज्य की मंडियों में किसान जितना माल लाता है उसकी पूरी मात्रा की खरीद की जाती है। 

लेकिन किसानों को सरकारी क्रय केन्द्रों पर अपना स्टॉक लेकर बेचने के लिए विवश नहीं किया जा सकता क्योंकि वे अपने उत्पाद की बिक्री कहीं भी करने के लिए स्वतंत्र है। सरकार का काम क्रय केन्द्रों पर आने वाले अनाज की पूरी मात्रा को खरीदना है जो सही ढंग से हो रहा है।