प्रमुख बांधों में जल स्तर 60 प्रतिशत से ऊपर पहुंचा
25-Jul-2025 11:09 AM
नई दिल्ली। देश के विभिन्न भागों में दक्षिण पश्चिम मानसून की लगातार हो रही बारिश के कारण बांधों-जलाशयों में पानी का स्तर नियमित रूप से ऊंचा होता जा रहा है।
केन्द्रीय जल आयोग के नवीनतम आंकड़ों से पता चलता है कि देश के 161 प्रमुख बांधों में पानी का स्तर बढ़कर 101.864 बिलियन क्यूबिक लीटर (बीसीएम) पर पहुंच गया है जो इसकी कुल भंडारण क्षमता 182.461 बीसीएम का 60.75 प्रतिशत है। यह भंडार पिछले साल की समान अवधि से 59 प्रतिशत तथा दस वर्षीय औसत स्तर से 53 प्रतिशत ज्यादा है। इससे फसलों की सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धत बढ़ेगी।
मानसून की अनवरत बारिश के कारण सिर्फ पूर्वी क्षेत्र को छोड़कर अन्य सभी भागों में बांधों- जलाशयों में पानी का स्तर बढ़ गया है। मौसम विभाग के अनुसार देश के पूर्वी क्षेत्र में सामान्य औसत की तुलना में बारिश की कमी पिछले सप्ताह 21 प्रतिशत दर्ज की गई थी जो चालू सप्ताह में और भी बढ़कर 25 प्रतिशत पर पहुंच गई।
दूसरी ओर दक्षिण भारत में वर्षा की कमी घटकर अब सिर्फ 1 प्रतिशत रह गई है। देश के पश्चिमोत्तर क्षेत्र एवं मध्यवर्ती भाग में पहले सामान्य औसत से काफी अधिक बारिश हुई थी मगर अब अधिशेष वर्षा का दायरा कुछ सिमट गया है।
राष्ट्रीय स्तर पर अब सामान्य औसत की तुलना में अधिशेष वर्षा 5 प्रतिशत दर्ज की गई है जबकि पहले यह 9 से 15 प्रतिशत तक चल रही थी। केन्द्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार देश के छह जलाशयों में पानी का स्टॉक उसकी कुल भंडारण क्षमता के बराबर हो गया है।
इसमें राजस्थान का बिसलपुर डैम, बिहार का चण्डी धाम, गुजरात का शेत्रुंजी, गोवा का सालौलिम तथा तमिलनाडु का अलियार एवं शोलायार जलाशय शामिल है। तमिलनाडु के सभी बांधों जलाशयों में कुल मिलाकर 95 प्रतिशत भंडारण क्षमता के समतुल्य पानी का स्टॉक मौजूद है।
दक्षिण-पश्चिम मानसून के नियत समय से पहले आने तथा बांधों का जल स्तर बढ़ने से किसानों को खरीफ फसलों की बिजाई में अच्छी सहायता मिल रही है।
