प्रमुख उत्पादक देशों में लाल मसूर का उत्पादन बढ़ने के आसार

22-Aug-2025 06:24 PM

शंघाई। जिस तरह के आंकड़े उपलब्ध हो रहे हैं उससे प्रतीत होता है कि भारत वर्ष 2025 में दुनिया में लाल मसूर का सबसे प्रमुख उत्पादक देश बन जाएगा।

शंघाई पल्सेस कांग्रेस में व्यक्त किए गए अनुमान के अनुसार वर्ष 2024 के मुकाबले 2025 के दौरान लाल मसूर का उत्पादन भारत में 17.90 लाख टन से बढ़कर 18.17 लाख टन पर पहुंच गया जबकि ऑस्ट्रेलिया में 12.72 लाख टन से बढ़कर 15 लाख टन पर पहुंचने की उम्मीद है। वहां नई फसल की आवक अक्टूबर में आरंभ होगी।

भारत, पूर्वी और कनाडा तथा ऑस्ट्रेलिया में लाल मसूर का अच्छा उत्पादन होता है। जानकार स्रोतों के अनुसार कनाडा में लाल मसूर का उत्पादन गत वर्ष के 17.25 लाख टन से गिरकर इस बार 17 लाख टन तथा तुर्की में 3.10 लाख टन से घटकर 2.10 लाख टन पर अटक जाने की संभावना है। कनाडा में मसूर की नई फसल की कटाई-तैयारी शुरू हो चुकी है। 

इस तरह भारत, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा एवं तुर्की में संयुक्त रूप से वर्ष 2025 के दौरान लाल मसूर का कुल उत्पादन सुधरकर 52.27 लाख टन पर पहुंचने का अनुमान लगाया गया है जो वर्ष 2024 के उत्पादन 50.97 लाख टन से 1.30 लाख टन ज्यादा है।

इसमें ऑस्ट्रेलिया का सर्वाधिक योगदान है जबकि भारत में भी लाल मसूर के उत्पादन में कुछ वृद्धि हुई है। इससे पूर्व वर्ष 2023 के दौरान इन चार देशों में कुल 46.20 लाख टन लाल मसूर का उत्पादन आंका गया था। 

जहां तक हरी मसूर का सवाल है तो वर्ष 2024 की तुलना में 2025 के दौरान इसका उत्पादन अमरीका में 4.25 लाख टन से बढ़कर 4.60 लाख टन तथा रूस में 1.93 लाख टन से सुधरकर 2.25 लाख टन पर पहुंचने की संभावना है जबकि तुर्की में उत्पादन 75 हजार टन से घटकर 20 हजार टन पर सिमट जाने की आशंका है।

उपरोक्त तीन देशों में हरी मसूर का कुल उत्पादन पिछले साल के 6.93 लाख टन से 12 हजार टन सुधरकर इस वर्ष 7.05 लाख टन पर पहुंचने का अनुमान है जबकि वर्ष 2023 में उत्पादन 4.39 लाख टन ही आंका गया था।

इसके अलावा कनाडा में भारी मात्रा में तथा भारत सहित कुछ अन्य देशों में सीमित मात्रा में हरी मसूर का उत्पादन होता है। मसूर की खेती का सीजन विभिन्न देशों में अलग-अलग रहता है।

भारत में रबी सीजन के दौरान अक्टूबर-नवम्बर में इसकी बिजाई शुरू होती है और मार्च अप्रैल में फसल कटने लगती है। कनाडा - अमरीका में अप्रैल-जून के दौरान इसकी बिजाई होती है।