पर्याप्त आपूर्ति एवं कमजोर मांग से तुवर-उड़द के दाम पर दबाव
20-Apr-2026 03:19 PM
मुम्बई। विदेशों से नियमित रूप से आयात जारी रहने तथा घरेलू आपूर्ति की रफ्तार बढ़ने के बावजूद चना की कीमतों में अगले कुछ दिनों तक सीमित उतार-चढ़ाव आने का अनुमान है लेकिन कमजोर मांग के कारण तुवर (अरहर) एवं उड़द के दाम पर दबाव पड़ सकता है।
एक अग्रणी व्यापारिक संस्था- इंडिया पल्सेस एंड ग्रेन्स एसोसिएशन की साप्ताहिक रिपोर्ट के अनुसार चालू सप्ताह के दौरान चना के दाम में कुछ तेजी-मंदी आ सकती है क्योंकि एक तरफ मंडियों में इसकी अच्छी आपूर्ति हो रही है, विदेशों से आयात भी हो रहा है और दाल मिलर्स / प्रोसेसर्स तथा व्यापारियों / स्टॉकिस्टों की मांग कुछ कमजोर देखी जा रही है तो दूसरी ओर केन्द्रीय बफर स्टॉक के लिए सरकारी एजेंसियां अच्छी मात्रा में इसकी खरीद का प्रयास कर रही है।
एसोसिएशन के मुताबिक जहां तक तुवर एवं उड़द की बात है तो इसकी कीमतों में निकट भविष्य में जोरदार तेजी आने की उम्मीद नहीं है क्योंकि इसकी आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति सुगम बनी हुई है और सीजनल कारणों से मांग भी कुछ कमजोर है। वैसे तुवर की सरकारी खरीद अभी जारी है इसलिए दाम में ज्यादा गिरावट भी नहीं आएगी।
गैस की कमी से होटल, रेस्टोरेंट तथा कैटरिंग क्षेत्र में चना दाल एवं बेसन की मांग कमजोर देखी जा रही है। दाल मिलर्स एवं बेसन निर्माता केवल अपनी तात्कालिक जरूरतों को पूरा करने लायक मात्रा में चना की खरीद कर रहे हैं।
वैसे आगे लग्नसरा के सीजन में इसकी मांग कुछ मजबूत हो सकती है। ऑस्ट्रेलिया एवं अफ्रीका से चना का आयात जारी है। कमजोर बाजार भाव के कारण किसान सरकार को अपना उत्पाद बेचने के लिए प्रथमिकता दे सकते हैं। चना का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5875 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित है।
