पश्चिमोत्तर भारत में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने के संकेत
25-Jun-2025 11:38 AM
नई दिल्ली। हालांकि दिल्ली सहित आसपास के इलाकों में बादल छाए हुए हैं और कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश भी हुई है लेकिन मौसम विभाग ने कहा है कि पश्चिमोत्तर भारत में मानसून की चाल कुछ सुस्त पड़ गई है।
मौसम विभाग के मुताबिक राष्ट्रीय स्तर पर कुल मिलाकर वर्षा सामान्य औसत से ज्यादा हो गई है मगर खास-खास क्षेत्रों में इसकी भारी कमी बनी हुई है। मध्यवर्ती भारत के कुछ संभागों तथा दक्षिणी प्रायद्वीपीय के कई क्षेत्रों में वर्षा का भारी अभाव बना हुआ है।
इसका यह मतलब है कि भले ही दक्षिण-पश्चिम मानसून औपचारिक तौर पर समूचे देश में पहुंच गया है लेकिन वर्षा का वितरण सामान नहीं है।
मानसून की उत्तरी सीमा बाड़मेर, जोधपुर, जयपुर, आगरा, रामपुर, बिजनौर, करनाल और हलवाड़ा में अटकी हुई है। वैसे पिछले एक-दो दिनों के दौरान मानसून पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ भागों, पंजाब, चंडीगढ़ एवं जम्मू कश्मीर के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ा है लेकिन जिस तेज रफ्तार से इसके आगे बढ़ने की उम्मीद की जा रही थी उसके संकेत नहीं मिल रहा हैं।
मौसम विभाग के अनुसार सम्पूर्ण दिल्ली एवं एनसीआर को कवर करने के लिए मानसून को कुछ और दिनों तक इंतजार करना पड़ सकता है।
वैसे आज यानी 25 जून को राजस्थान के कई अन्य इलाकों, पंजाब, हरियाणा तथा दिल्ली में अच्छी बारिश होने की उम्मीद है और इसका असर पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक देखा जा सकेगा।
उल्लेखनीय है कि दिल्ली में मानसून के पहुंचने की सामान्य तिथि 30 जून है जबकि इस बार यह एक सप्ताह पहले ही आ गया है। उत्तर प्रदेश मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा एवं राजस्थान में बारिश का दौर जारी रहने से किसानों को खरीफ फसलों की बिजाई में अच्छी सहायता मिल रही है। महाराष्ट्र, तेलंगाना एवं छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों का बड़ा भाग अब भी बारिश का इंतजार कर रहा है।
