रबी फसलों के बिजाई क्षेत्रों में करीब 28 लाख हेक्टेयर का इजाफा
11-Nov-2025 12:24 PM
नई दिल्ली। केन्द्रीय कृषि मंत्रालय द्वारा जारी नवीनतम साप्ताहिक रिपोर्ट से पता चलता है कि चालू वर्ष के दौरान 7 नवम्बर 2025 तक रबी फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र बढ़कर 130.32 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया जो पिछले साल की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 102.50 लाख हेक्टेयर से 27.82 लाख हेक्टेयर ज्यादा है।
दिलचस्प तथ्य यह है कि गत वर्ष की तुलना में इस बार धान, गेहूं, दलहन, तिलहन एवं मोटे अनाज- सबका रकबा आगे चल रहा है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार पिछले साल के मुकाबले चालू रबी सीजन के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर धान का उत्पादन क्षेत्र 5.71 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 6.18 लाख हेक्टेयर, गेहूं का बिजाई क्षेत्र 9.98 लाख हेक्टेयर से उछलकर 22.72 लाख हेक्टेयर तथा दलहनों का क्षेत्रफल 30.43 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 36.83 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया। इसी तरह मोटे अनाजों का रकबा 9.02 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 10.13 लाख हेक्टेयर और तिलहन फसलों का उत्पादन क्षेत्र 47.35 लाख हेक्टेयर से उछलकर 54.46 लाख हेक्टेयर हो गया।
दलहन फसलों में चना, मसूर, मटर एवं कुलथी की बिजाई गत वर्ष से आगे है मगर उड़द एवं मूंग का रकबा पीछे चल रहा है।
चना का क्षेत्रफल पिछले साल के 20.51 लाख हेक्टेयर से उछलकर इस बार 26.81 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया है। इसी तरह तिलहन फसलों में सरसों का उत्पादन क्षेत्र उम्मीद के अनुरूप 46.15 लाख हेक्टेयर से उछलकर 53.35 लाख हेक्टेयर हो गया है जबकि अन्य तिलहनों की बिजाई सीमित क्षेत्र में हुई है।
जहां तक मोटे अनाजों का सवाल है तो मक्का का बिजाई क्षेत्र अब गत वर्ष से आगे निकलकर 3.21 लाख हेक्टेयर (गत वर्ष 2.83 लाख हेक्टेयर) पर पहुंच गया है।
ज्वार कर रकबा 5.26 लाख हेक्टेयर की तुलना में 5.28 लाख हेक्टेयर तथा रागी का क्षेत्रफल 38 हजार हेक्टेयर के मुकाबले 47 हजार हेक्टेयर पर पहुंचा है।
जौ के उत्पादन क्षेत्र में भी दोगुने से ज्यादा की बढ़ोत्तरी हुई है और यह 51 हजार हेक्टेयर से उछलकर 1.12 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया है।
इस बार सरसों, चना, गेहूं एवं जौ के उत्पादन क्षेत्र में अच्छी वृद्धि होने की उम्मीद है और विभिन्न कारणों से किसान इसकी खेती के प्रति काफी उत्साहित भी है। मसूर एवं मटर का रकबा भी बढ़ने के आसार हैं। अन्य फसलों का क्षेत्रफल सामान्य रह सकता है।
