रबी फसलों का रकबा 581 लाख हेक्टेयर के करीब पहुंचा
23-Dec-2025 01:17 PM
नई दिल्ली। केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के नवीनतम साप्ताहिक आंकड़ों से पता चलता है कि इस वर्ष 19 दिसम्बर तक रबी फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र बढ़कर 580.70 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया जो पिछले साल की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 572.60 लाख हेक्टेयर से 8.10 लाख हेक्टेयर ज्यादा है।
रबी फसलों का सम्बन्ध औसत क्षेत्रफल इस बार 637.81 लाख हेक्टेयर पर आंका गया है उल्लेखनीय है कि 2024-25 के दौरान रबी फसलों का कुल रकबा 659.39 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया। देश के अनेक राज्यों में रबी फसलों की बिजाई अभी चल रही है और जनवरी में भी जारी रहेगी।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार पिछले साल की तुलना में चालू रबी सीजन के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर गेहूं का बिजाई क्षेत्र 300.39 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 301.63 लाख हेक्टेयर, धान का उत्पादन क्षेत्र 11.52 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 13.35 लाख हेक्टेयर,
दलहनों का क्षेत्रफल 123.02 लाख हेक्टेयर से उछलकर 126.74 लाख हेक्टेयर, मोटे अनाजों का रकबा 45.05 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 45.66 लाख हेक्टेयर तथा तिलहन फसलों का उत्पादन क्षेत्र 92.65 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 93.33 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया।
गेहूं का उत्पादन क्षेत्र अब भी पिछले साल से आगे चल रहा है लेकिन अंतर में काफी कमी आ गई है। इसकी सामान्य औसत क्षेत्रफल 312.35 लाख हेक्टेयर नियत हुआ है।
दलहन फसलों में केवल चना का उत्पादन क्षेत्र गत वर्ष के 86.81 लाख हेक्टेयर से उछलकर इस बार 91.70 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा है जबकि अन्य सभी दलहनों का रकबा गत वर्ष से पीछे चल रहा है।
इसमें मसूर, मटर कुलथी, उड़द, मूंग एवं खेसारी आदि शामिल है। दलहनों का सामान्य औसत क्षेत्रफल 140.42 लाख हेक्टेयर निर्धारित हुआ है।
तिलहन फसलों की बिजाई में मिश्रित रुख देखा जा रहा है। इसके तहत सरसों, सैफ्लावर तथा सूरजमुखी के रकबे में तो वृद्धि हुई है लेकिन मूंगफली और अलसी का रकबा घट गया है। तिलहन का क्षेत्रफल लगभग बराबर है।
मोटे अनाजों के संवर्ग में ज्वार की बिजाई गत वर्ष से पीछे चल रही है जबकि मक्का, जौ एवं सभी का उत्पादन क्षेत्र आगे और बाजरा का बिजाई क्षेत्र बराबर है। देश के विभिन्न भागों में बिजाई जारी रहने से आगामी समय में क्षेत्रफल सुधरने की उम्मीद है।
